बिहार में राज्यसभा चुनाव से पहले मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने जनता दल यू पर निशाना साधने के लिए दिवंगत किंग महेंद्र का नाम लिया। पार्टी के एमएलसी सुनील सिंह ने कहा कि किंग महेंद्र पैसा देकर राज्यसभा जाते थे। इस बात का जिक्र उन्होंने इस संदर्भ में किया कि जनता दल यू से भोला सिंह के राज्यसभा जाने की चर्चा है। वे किंग महेंद्र के छोटे भाई है। हालांकि इस बात की संभावना कम है कि जदयू की ओर से किसी भूमिहार को और वह भी बड़े कारोबारी को राज्यसभा भेजा जाएगा। लेकिन राजद ने पहले ही यह मुद्दा उठा कर जदयू को बैकफुट पर ला दिया है।
यह सही है कि किंग महेंद्र बिहार के सबसे धनी कारोबारी थे और देश के सबसे अमीर लोगों की सूची में भी 50 लोगों में उनका स्थान था। इसलिए वे चाहे लोकसभा का चुनाव लड़े हों या राज्यसभा गए हों, हर बार पैसे का जिक्र होता था। परंतु यह कम लोग जानते हैं कि किंग महेंद्र ने हमेशा पार्टियों को चेक से चंदा दिया। उन्होंने कभी भी किसी पार्टी या किसी नेता को नकद पैसे देकर टिकट नहीं लिया। वे संकट के समय नीतीश से जुड़े थे और उनकी मदद की थी। उनकी पार्टी को चंदा दिया था। लेकिन सुनील सिंह यह बात भूल गए कि जनता दल यू के टिकट से राज्यसभा जाने से पहले किंग महेंद्र राजद की टिकट से राज्यसभा गए थे। वह भी ऐसे समय में जब बिहार में जातीय लड़ाई सबसे चरम पर थी। भूमिहार और यादव एक दूसरे को देखना पसंद नहीं करते थे। जब चंदे की बात खुलेगी तो जाहिर है राजद के बड़े नेता भी कठघरे में आएंगे।
