महायुति में सीटों की खींचतान

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महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति के पास 235 विधायक हैं। इसमें तीन मुख्य पार्टियों भाजपा, शिव सेना और एनसीपी के 228 विधायक हैं। इतने विधायकों के दम पर गठबंधन बड़ी आसानी से राज्यसभा की छह सीट जीत सकता है। छह सीट जीतने में संदेह नहीं होने के बावजूद राज्यसभा चुनाव को लेकर खींचतान शुरू हो गई है और वह इस वजह से है कि एकनाथ शिंदे की शिव सेना दो सीटों की मांग कर रही है। ध्यान रहे एकनाथ शिंदे की शिव सेना के पास अभी सिर्फ एक राज्यसभा सीट है। कांग्रेस से आए मिलिंद देवड़ा उच्च सदन में हैं और उनका कार्यकाल 2030 तक है। दूसरी ओर अजित पवार की पार्टी के पास भी एक सीट है, जिस पर उनकी पत्नी सांसद थीं। भाजपा के पास सात सीटें हैं, जिसमें से दो सीटें खाली हो रही हैं। इसके अलावा एक सीट सहयोगी पार्टी आरपीआई के नेता रामदास अठावले की है। उनको वापस राज्यसभा भेजने का फैसला सभी पार्टियों का साझा फैसला होगा।

जानकार सूत्रों का कहना है कि एकनाथ शिंदे की पार्टी का कहना है कि भाजपा अपने कोटे से अठावले को राज्यसभा भेजे। यानी भाजपा तीन सीट ले, जिनमें से दो पर खुद लड़े और एक सीट अठावले को दे। वे दो सीट लेना चाहते हैं। उनका कहना है कि मुंबई में मेयर पद पर भी उन्होंने समझौता किया है। उनकी पार्टी के 57 विधायक हैं। अपने दम पर वे एक सीट जीत सकते हैं और उसके बाद उनके पास 20 वोट बचते हैं। भाजपा अपने दम पर तीन सीट जीत सकती है और उसके बाद उसके पास भी 20 सीटें बचती हैं। यही पर शरद पवार के खेल की बात आती है। भाजपा को इस बात की चिंता है कि अगर उसने जिद करके चार उम्मीदवार अपने दिए और शरद पवार निर्दलीय चुनाव लड़ गए तो एकनाथ शिंदे के 20 विधायकों की गारंटी कौन लेगा? ध्यान रहे अजित पवार की पार्टी के एक सीट जीतने के बाद तीन वोट बचते हैं और महाविकास अघाड़ी के पास 48 विधायक हैं। इसका मतलब है कि एक सीट जीतने के बाद उसके पास 11 वोट बचते हैं। महाराष्ट्र में सपा और एमआईएम के तीन विधायक हैं। सो, एमवीए के 11, अजित पवार के चार और अन्य के तीन मिल कर 18 वोट होते हैं। अगर एकनाथ शिंदे के 20 विधायक शरद पवार का समर्थन करें तो वे जीत सकते हैं। ध्यान रहे शरद पवार ने दर्जनों चुनाव लड़ें है लेकिन एक बार बीसीसीआई के अध्यक्ष का चुनाव छोड़ कर कभी नहीं हारे हैं। सो, भाजपा को तय करना है कि वह एकनाथ शिंदे और अजित पवार को एक एक सीट पर निपटाती है और खुद चार सीट लेती है या शिंदे की पार्टी को दो सीटें देकर महायुति की छह सीटों पर जीत सुनिश्चित करती है।


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