लोक कल्याण मार्ग के बंगलों का क्या होगा?

Categorized as राजनीति

प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ में शिफ्ट हो गया। आजादी के पहले से साउथ ब्लॉक सत्ता का केंद्र था। आजादी के बाद प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री का कार्यालय उस इमारत में होता था और उसके सामने नॉर्थ ब्लॉक में वित्त व गृह मंत्रालय होता था। विदेश मंत्रालय पहले ही जवाहर लाल नेहूरू भवन नें शिफ्ट हो गया है और नॉर्थ ब्लॉक के कार्यालय कर्तव्य भवन एक और दो में शिफ्ट हुए हैं। अब प्रधानमंत्री कार्यालय और साथ साथ कैबिनेट सचिवालय व राष्ट्रीय सुरक्षा का सचिवालय सेवा तीर्थ में शिफ्ट कर दिया गया है। इसके बाद से ही चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आवास भी जल्दी ही पीएम एन्क्लेव में शिफ्ट होगा।

ध्यान रहे कुछ समय पहले उप राष्ट्रपति एन्क्लेव बन कर तैयार हुआ था और तत्कालीन उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ उसमें शिफ्ट हुए थे। अब सीपी राधाकृष्णन वहां रहते हैं। उसी तरह करीब 12 एकड़ में प्रधानमंत्री एन्क्लेव बन रहा है। इसमें प्रधानमंत्री आवास के साथ साथ प्रधानमंत्री के सुरक्षाकर्मियों की जगह होगी। साथ ही बड़ी और जरूरी मीटिंग्स के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। अब सवाल है कि प्रधानमंत्री जब पीएम एन्क्लेव में शिफ्ट हो जाएंगे तो लोक कल्याण मार्ग के बंगलों का क्या होगा? ध्यान रहे लोक कल्याण मार्ग में एक, तीन, पांच और सात यानी चार बंगले प्रधानमंत्री के लिए आवंटित होते हैं। इसमें पीएम आवास से लेकर, उनका कार्यालय और सुरक्षाकर्मियों के रहने की जगह है। जब से पीएम के नई जगह शिफ्ट होने की चर्चा शुरू हुई है, भाजपा के कई बड़े नेता लोक कल्याण मार्ग के बंगलों पर नजर गड़ाए हुए हैं। हालांकि जानकार सूत्रों का कहना है कि ज्यादा संभावना है कि उन बंगलों को खाली ही रखा जाए और सरकार उनका कुछ और इस्तेमाल सोचें।


Previous News Next News

More News

पीएम की कथनी और पार्टी की करनी

August 2, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर नौ दिन में पांचवा वीडियो अपलोड किया है। पहले चार वीडियो को 90 करोड़ व्यूज मिले थे। ऐसा दिखाया जा रहा है कि ये वीडियो प्रधानमंत्री अपने मोबाइल से बना कर डाल रहे हैं। इसका मकसद ‘जेन जी’ यानी 14 से 29 साल की उम्र के…

चढ़ावा चोरी का नाटक फायदा करेगा या नुकसान

August 2, 2026

संसद के मानसून सत्र में दो स्तर पर राजनीतिक लड़ाई चल रही है। एक लड़ाई केंद्र सरकार और एनडीए बनाम विपक्ष की है। दूसरी लड़ाई विपक्ष के अंदर है। विपक्ष की पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ स्कोर करने की संभावना तलाश रही हैं। तभी राहुल गांधी ने जब पेपर लीक को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया…

जंतर मंतर के बाद क्या झारखंड की बारी

August 2, 2026

दिल्ली में जंतर मंतर पर धरने और प्रदर्शन के बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि अब किसकी बारी होगी। पहले ऐसा लग रहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी के नेता बिहार जाएंगे क्योंकि अभिजीत दिपके ने कह दिया था कि वे दो दिन में बिहार पहुंचेंगे। कुछ लोग मांग कर रहे थे कि…

उपेंद्र कुशवाहा का ध्यान रखने की मजबूरी

August 2, 2026

सोचें, भारतीय जनता पार्टी ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया है। वे कुशवाहा समाज के सबसे बड़े नेता हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद किसी भी पार्टी के कुशवाहा नेता का कोई भविष्य नहीं बचा। राजद के संसदीय दल के नेता अभय कुशवाहा ने जाकर सम्राट चौधरी को गुलदस्ता दिया। इसके बावजूद भाजपा को उपेंद्र…

हिंदुओं को आखिर करना क्या है?

August 2, 2026

यह कंफ्यूजन इस बात से पैदा हुआ है कि दिल्ली में राज्य सरकार ने महिला सम्मान निधि के नाम पर महिलाओं को ढाई हजार रुपए देने की जो लक्ष्मी योजना शुरू की है उसमें एक प्रावधान किया गया है कि जिन महिलाओं के तीन या उससे ज्यादा बच्चे हैं उनको इस योजना का लाभ नहीं…

logo