भाजपा नेता की तरह आनंदी बेन का जवाब

Categorized as राजनीति

देश के कई राज्यों के राज्यपालों ने राजभवन, जिसे अब लोकभवन कहा जाता है, वहां पहुंचने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी के नेता वाला चरित्र छोड़ा नहीं है। खास कर गैर एनडीए शासन वाले राज्यों के राज्यपालों ने। कहीं राज्यपाल विधानसभा से पास विधेयक रोक कर बैठे रहते हैं तो कहीं राज्यपाल सरकार का लिखा अभिभाषण नहीं पढ़ते हैं तो कहीं चार लाइन पढ़ कर अभिभाषण छोड़ देते हैं। विपक्षी शासन वाले राज्यों के कामकाज पर सवाल उठाना तो आम बात है। लेकिन पिछले करीब आठ साल से राज्यपाल रहीं आनंदी बेन पटेल इस मामले में अपने को संयमित रखती थीं।

वैसे भी थोड़े समय को छोड़ दें तो वे भाजपा शासित राज्यों में ही राज्यपाल रही हैं। थोड़े समय मध्य प्रदेश में जरूर उनके राज्यपाल रहते कांग्रेस की सरकार बनी थी। लेकिन तब भी सरकार से टकराव नहीं जाहिर हुआ था। लेकिन अभी उत्तर प्रदेश में उन्होंने भी दिखाया कि वे भाजपा की नेता हैं। उत्तर प्रदेश विधानमंडल की साझा बैठक में अभिभाषण पढ़ते हुए उन्होंने विपक्षी विधायकों पर इस अंदाज में तंज किया, जैसे वे राज्य की मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री या कम से कम संसदीय कार्य मंत्री हों। उनके भाषण के दौरान विपक्षी विधायक हंगामा कर रहे थे। शोर शराबे के बीच भी वे अपना भाषण पढ़ती रह सकती थीं, लेकिन उन्होंने रूक कर विपक्ष पर तंज किया। सरकार की उपलब्धियां बताते हुए उन्होंने विपक्ष की ओर इशारा करके कहा, ‘आपके समय यह सब जीरो था’। अभिभाषण में यह बात लिखी होती तो अलग बात होती। लेकिन उससे अलग हट कर राज्यपाल कैसे विपक्ष और मौजूदा सरकार की तुलना कर सकता है!


Previous News Next News

More News

केजरीवाल और स्टालिन एक साथ

April 22, 2026

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की जो भी रिपोर्ट आ रही है उसमें कहा जा रहा है कि तमिलनाडु और उससे सटे केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भाजपा विरोधी गठबंधन में कमजोर कड़ी कांग्रेस है। चुनाव प्रचार समाप्त होने से ठीक पहले सर्वे करने वाली एजेंसियों ने जो डाटा इकट्ठा किया है उसके मुताबिक तमिलनाडु में डीएमके…

बंगाल में आखिर लाखों लोग छूट गए

April 22, 2026

पश्चिम बंगाल में सब कुछ अभूतपूर्व हो रहा है। पहली बार ऐसा हुआ कि मतदान के लिए प्रचार समाप्त होने और साइलेंट पीरियड शुरू होने तक मतदाता सूची में नाम जोड़े गए। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि तार्किक विसंगति के आधार पर जिन 27 लाख लोगों के नाम कटे हैं उनके नाम जैसे…

झारखंड की तरह बंगाल भी डुबाएंगे हिमंता

April 22, 2026

असम के चुनाव के बाद वहां के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पश्चिम बंगाल पहुंच गए हैं। वहां उन्होंने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। वे स्टार प्रचारकों की सूची में हैं। झारखंड में तो वे सह प्रभारी थे। जिस तरह से उन्होंने झारखंड में घुसपैठ के बहाने मुस्लिम विरोध दिखाया उससे भाजपा को बहुत नुकसान…

वेदांता, टाटा, लेंसकार्ट सबकी एक दशा

April 22, 2026

भारत में हमेशा राजनीतिक लड़ाइयों की चर्चा होती है। पार्टियों के बीच कैसा मुकाबला चल रहा है और कहां चुनावी लड़ाई में कौन आगे है इससे सब परिचित होते हैं। लेकिन कॉरपोरेट वॉर की चर्चा होती ही नहीं है। होती भी है तो बड़े सतही स्तर पर होती है। मीडिया में भी इसकी चर्चा बहुत…

एक चेहरा, अंतहीन प्रचार अंतहीन

April 22, 2026

अभी मोदी ही सबसे बड़ी कहानी हैं। लेकिन कहानियां बदलती हैं। और इस कहानी के पाठक अब देख रहे हैं कि यह आगे बढ़ना बंद कर चुकी है। भारत का अगला अध्याय अतीत को दोहराकर नहीं बनेगा। वह तब बनेगा जब कोई दोनों भ्रमों को तोड़ने का साहस करेगा—पहचान की राजनीति और असफल आर्थिक ढांचे…

logo