ममता की टीम ने मोर्चा संभाला है

Categorized as राजनीति

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को एक हफ्ते का अतिरिक्त समय दिया है। अब पश्चिम बंगाल में 14 फरवरी की बजाय 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। ध्यान रहे चार फरवरी को खुद ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में दलीलें दी थीं। सोमवार, नौ फरवरी को इसे लेकर एक वकील ने सवाल उठाया तो चीफ जस्टिस ने उन्हें चुप करा दिया और कहा कि राजनीतिक बयानबाजी की जरुरत नहीं है। चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने हालांकि यह भी कहा कि किसी भी राज्य को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के काम में बाधा नहीं डालने दी जाएगी।

लेकिन सोमवार के दोनों आदेश ममता बनर्जी की पार्टी के अनूकूल थे। सर्वोच्च अदालत ने उनकी ओर से दी गई सूची में से माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करने को कहा और दूसरे समय सीमा एक हफ्ते बढ़ा दी। असल में ममता बनर्जी, उनकी पार्टी और राज्य की सरकार सब मोर्चा संभाले हुए हैं। किसी भी तरह से एक भी जेनुइन वोटर का नाम नहीं कटने देने का संकल्प है। इसलिए जमीन से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ा जा रहा है। खबर है कि जहां जहां एसआईआर के सेंटर बने हैं, आपत्तियां और दावे लिए जा रहे हैं वहां तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता, विधायक और सांसद मौजूद रह रहे हैं। लोगों को हर तरह की मदद दी जा रही है। फॉर्म छह भर कर नाम जुड़वाने से लेकर चुनाव आयोग की ओर से दिए गए नोटिस का जवाब देने तक सब कुछ तृणमूल के लोगों ने संभाला है। उनके मुकाबले भाजपा के नेताओं व कार्यकर्ताओं की उपस्थिति नगण्य है।


Previous News Next News

More News

पीएम की कथनी और पार्टी की करनी

August 2, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर नौ दिन में पांचवा वीडियो अपलोड किया है। पहले चार वीडियो को 90 करोड़ व्यूज मिले थे। ऐसा दिखाया जा रहा है कि ये वीडियो प्रधानमंत्री अपने मोबाइल से बना कर डाल रहे हैं। इसका मकसद ‘जेन जी’ यानी 14 से 29 साल की उम्र के…

चढ़ावा चोरी का नाटक फायदा करेगा या नुकसान

August 2, 2026

संसद के मानसून सत्र में दो स्तर पर राजनीतिक लड़ाई चल रही है। एक लड़ाई केंद्र सरकार और एनडीए बनाम विपक्ष की है। दूसरी लड़ाई विपक्ष के अंदर है। विपक्ष की पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ स्कोर करने की संभावना तलाश रही हैं। तभी राहुल गांधी ने जब पेपर लीक को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया…

जंतर मंतर के बाद क्या झारखंड की बारी

August 2, 2026

दिल्ली में जंतर मंतर पर धरने और प्रदर्शन के बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि अब किसकी बारी होगी। पहले ऐसा लग रहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी के नेता बिहार जाएंगे क्योंकि अभिजीत दिपके ने कह दिया था कि वे दो दिन में बिहार पहुंचेंगे। कुछ लोग मांग कर रहे थे कि…

उपेंद्र कुशवाहा का ध्यान रखने की मजबूरी

August 2, 2026

सोचें, भारतीय जनता पार्टी ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया है। वे कुशवाहा समाज के सबसे बड़े नेता हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद किसी भी पार्टी के कुशवाहा नेता का कोई भविष्य नहीं बचा। राजद के संसदीय दल के नेता अभय कुशवाहा ने जाकर सम्राट चौधरी को गुलदस्ता दिया। इसके बावजूद भाजपा को उपेंद्र…

हिंदुओं को आखिर करना क्या है?

August 2, 2026

यह कंफ्यूजन इस बात से पैदा हुआ है कि दिल्ली में राज्य सरकार ने महिला सम्मान निधि के नाम पर महिलाओं को ढाई हजार रुपए देने की जो लक्ष्मी योजना शुरू की है उसमें एक प्रावधान किया गया है कि जिन महिलाओं के तीन या उससे ज्यादा बच्चे हैं उनको इस योजना का लाभ नहीं…

logo