असम में सिर्फ हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा

Categorized as राजनीति

असम में धीरे धीरे दूसरे सारे मुद्दे गौण होते जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार वहां 10 साल से है और इन 10 सालों में केंद्र में भी भाजपा की ही सरकार रही है। यानी 10 साल से डबल इंजन की सरकार चल रही है। लेकिन इस डबल इंजन सरकार के कामकाज की बजाय भाजपा सिर्फ हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। भाजपा की जो चुनाव सामग्री तैयार की जा रही है उसमें सबका फोकस हिंदू-मुस्लिम के ऊपर है। एक प्रयोग के तौर पर पिछले दिनों एआई से बना एक वीडियो वायरल कराया गया, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा गोल टोपी और दाढ़ी वाले दो मुस्लिम दिखते लोगों पर बंदूक से निशाना साध रहे थे। बाद में उसे हटा लिया गया है।

असल में पहले थोड़ा बरीक तरीके से यह मुद्दा उठाने की कोशिश की गई थी। घुसपैठियों के नाम पर हिंदू-मुस्लिम विभाजन का प्रयास हुआ। जब लगा कि इससे काम नहीं चलेगा तो मियां मुस्लिम वाला जुमला आया। कहा गया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को मियां मुस्लिम कहा जाता है। सरमा ने उनको प्रताड़ित करने की सार्वजनिक अपील की। अब लग रहा है कि उससे भी बात नहीं बन रही है तो सीधे गोली मारने का नैरेटिव बनाया जा रहा है। ध्यान रहे सरमा इसी तरह का जहरीला प्रचार 2024 के झारखंड चुनाव में कर रहे थे। लेकिन भाजपा बुरी तरह से चुनाव हारी। घुसपैठ और जमाई जिहाद का उनका मुद्दा नहीं चल पाया। अब देखना है कि असम में वे इस मुद्दे को कितना चला पाते हैं।


Previous News Next News

More News

केजरीवाल और स्टालिन एक साथ

April 22, 2026

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की जो भी रिपोर्ट आ रही है उसमें कहा जा रहा है कि तमिलनाडु और उससे सटे केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भाजपा विरोधी गठबंधन में कमजोर कड़ी कांग्रेस है। चुनाव प्रचार समाप्त होने से ठीक पहले सर्वे करने वाली एजेंसियों ने जो डाटा इकट्ठा किया है उसके मुताबिक तमिलनाडु में डीएमके…

बंगाल में आखिर लाखों लोग छूट गए

April 22, 2026

पश्चिम बंगाल में सब कुछ अभूतपूर्व हो रहा है। पहली बार ऐसा हुआ कि मतदान के लिए प्रचार समाप्त होने और साइलेंट पीरियड शुरू होने तक मतदाता सूची में नाम जोड़े गए। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि तार्किक विसंगति के आधार पर जिन 27 लाख लोगों के नाम कटे हैं उनके नाम जैसे…

झारखंड की तरह बंगाल भी डुबाएंगे हिमंता

April 22, 2026

असम के चुनाव के बाद वहां के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पश्चिम बंगाल पहुंच गए हैं। वहां उन्होंने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। वे स्टार प्रचारकों की सूची में हैं। झारखंड में तो वे सह प्रभारी थे। जिस तरह से उन्होंने झारखंड में घुसपैठ के बहाने मुस्लिम विरोध दिखाया उससे भाजपा को बहुत नुकसान…

वेदांता, टाटा, लेंसकार्ट सबकी एक दशा

April 22, 2026

भारत में हमेशा राजनीतिक लड़ाइयों की चर्चा होती है। पार्टियों के बीच कैसा मुकाबला चल रहा है और कहां चुनावी लड़ाई में कौन आगे है इससे सब परिचित होते हैं। लेकिन कॉरपोरेट वॉर की चर्चा होती ही नहीं है। होती भी है तो बड़े सतही स्तर पर होती है। मीडिया में भी इसकी चर्चा बहुत…

एक चेहरा, अंतहीन प्रचार अंतहीन

April 22, 2026

अभी मोदी ही सबसे बड़ी कहानी हैं। लेकिन कहानियां बदलती हैं। और इस कहानी के पाठक अब देख रहे हैं कि यह आगे बढ़ना बंद कर चुकी है। भारत का अगला अध्याय अतीत को दोहराकर नहीं बनेगा। वह तब बनेगा जब कोई दोनों भ्रमों को तोड़ने का साहस करेगा—पहचान की राजनीति और असफल आर्थिक ढांचे…

logo