विजय के कारण बिगड़ेगा समीकरण

Categorized as राजनीति

तमिलनाडु का पारंपरिक राजनीतिक समीकरण बदल रहा है। फिल्म स्टार विजय ने प्रदेश की राजनीति का माहौल बदल दिया है। उनकी करूर की सभा में हुई भगदड़ की बात बहुत पीछे छूट गई है। राज्य के लोग खास कर युवा उनके पीछे एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने अपने को एमजी रामचंद्रन यानी एमजीआर की श्रेणी में रख दिया है। विजय ने वैसे जुमले बोले, जैसे एमजीआर बोलते थे। उन्होंने एमजीआर की तरह ही डीएमके को दुष्ट शक्ति कहा। उनका दावा है कि वे इन दुष्ट शक्तियों को हराने और राज्य के लोगों की रक्षा के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं। यह नैरेटिव तमिलनाडु के दूरदराज के गांवों तक पहुंच रहा है।

उनकी फिल्म ‘जन नायकन’ को सेंसर बोर्ड ने रिलीज नहीं होने दिया गया है। लेकिन वे इसकी शिकायत नहीं कर रहे हैं। उनको पता है कि फिल्म रोकने से उनके प्रति और सहानुभूति बन रही है। ध्यान रहे फिल्म सेंसर बोर्ड ने रोकी है और इसमें राज्य सरकार का कोई लेना देना नहीं है। फिर भी वे भाजपा के खिलाफ कुछ नहीं बोल रहे हैं। प्रशांत किशोर उनके चुनाव रणनीतिकार हैं और हाल के तमाम सर्वेक्षणों में विजय की लोकप्रियता का ग्राफ बढ़ रहा है। वे अभी 25 फीसदी लोगों की पसंद हैं। लेकिन जैसे जैसे चुनाव नजदीक आएगा यह लोकप्रियता बढ़ सकती है। उनकी कमजोरी यह है कि उनके पास संगठन नहीं है और बहुत मजबूत उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। फिर अगर चुनाव में उनको मुख्यमंत्री बनाने का मुद्दा हावी हुआ तो वे कमाल कर सकते हैं। इतना तय है कि विजय ने तमिलनाडु की आमने सामने की पारंपरिक लड़ाई को त्रिकोणात्मक मुकाबले में बदल दिया है।


Previous News Next News

More News

सत्रावसान में देरी का एक रिकॉर्ड तो टूटा

September 29, 2026

संसद का मानसून सत्र समाप्त हुए डेढ़ महीने से ज्यादा हो गए। सत्र 13 अगस्त को स्थगित हुआ था। लेकिन अभी तक सत्रावसान नहीं किया गया है। संसद स्थघित हुए 47 दिन हो गए हैं। आमतौर पर अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित होने के एक हफ्ते में सत्रावसान कर दिया जाता है। उसके बाद जब…

सीपीएम का अपना एजेंडा है

September 29, 2026

देश की सबसे बड़ी कम्युनिस्ट पार्टी सीपीएम के महासचिव एमए बेबी ने विपक्षी गठबंधन की बैठक बुलाने की पहल की। इस पहल पर ममता बनर्जी ने सबसे पहले जवाब दिया और उन्होंने बेबी से फोन पर बात की। कांग्रेस ने भी इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और उसके बाद 30 सितंबर की बैठक तय हुई।…

सपा-कांग्रेस की मुस्लिम वोट की खींचतान

September 29, 2026

वैसे उत्तर प्रदेश के मुसलमानो के मन में कोई भ्रम नहीं है। वे अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के साथ हैं क्योंकि उनको लग रहा है कि सपा ही इस बार भाजपा से लड़ने वाली मुख्य ताकत है। पिछले लोकसभा चुनाव मे उन्होंने देखा कि भाजपा के समर्थक मतदाताओं में भी अगर भाजपा से नाराजगी…

यूपीएससी के सवाल क्या एआई बना रहा है?

September 29, 2026

यह बहुत परेशान करने वाला सवाल है क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी एकमात्र ऐसी संस्था है, जिस पर प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थी आज भी आंख मूंद कर भरोसा करते हैं। इसका भरोसा इतना गहरा है कि सुप्रीम कोर्ट ने दो बार अपनी सुनवाई में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए और…

साहब अच्छे एक्टर नहीं!

September 29, 2026

कारण जो हो, साहब का विदेशियों के प्रति प्रेमिल झुकाव, और देसियों के प्रति रूखा बर्ताव बेढब है। फिर, बार-बार सीमित अंदाज, ऊँचे, हवाई दावे, वैज्ञानिकों विशेषज्ञों जैसे ऑडियेंस में भी घिसे-पिटे मुहावरे, उपदेश, आदि उन की समझ का भी सीमित दायरा दिखाता है। ऊँचे पद से वह थोड़ा ढँका जरूर रहा, पर छिपा नहीं…

logo