जनगणना में भी समस्या आएगी क्या?

Categorized as राजनीति

यह सवाल इसलिए है क्योंकि जनगणना का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा है। एक याचिका दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि जाति जनगणना के लिए जाति प्रमाणपत्र या जाति को प्रमाणित करने वाला कोई एक प्रमाणपत्र अनिवार्य किया जाना चाहिए। याचिका में कहा गया है कि जाति गणना के लिए सेल्फ डिक्लरेशन पर्याप्त नहीं है। इससे कुछ जातियों के आंकड़े असाधारण रूप से ज्यादा हो सकते हैं और कुछ के कम हो सकते हैं। इसलिए ऑनलाइन जनगणना फॉर्म भरने के समय भी कोई दस्तावेज अनिवार्य किया जाना चाहिए। अगर कोई दस्तावेज अनिवार्य किया जाता है तो उसमें निर्धारित से ज्यादा समय लगेगा।

बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका में उठाए गए बिंदुओं से सहमति जताई है। इतना ही नहीं सर्वोच्च अदालत ने याचिकाकर्ता आकाश गोयल की तारीफ की है कि उन्होंने यह मुद्दा उठाया और अदालत का ध्यान इस ओर खींचा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की और याचिका में उठाए गए बिंदुओं से सैद्धांतिक सहमति जताई। अदालत को भी लग रहा है कि अगर कोई दस्तावेज अनिवार्य नहीं किया गया तो संतुलन बिगड़ सकता है। हालांकि अभी अदालत ने मामला जनगणना करने वाली संस्था के ऊपर इसे छोड़ा है कि वे इस चिंता का क्या हल निकालते हैं। लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं है कि अगर कोई प्रमाणपत्र नहीं लिया जाएगा तो आंकड़ों की शुद्धता की गारंटी नहीं हो सकेगी।


Previous News Next News

More News

पीएम की कथनी और पार्टी की करनी

August 2, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर नौ दिन में पांचवा वीडियो अपलोड किया है। पहले चार वीडियो को 90 करोड़ व्यूज मिले थे। ऐसा दिखाया जा रहा है कि ये वीडियो प्रधानमंत्री अपने मोबाइल से बना कर डाल रहे हैं। इसका मकसद ‘जेन जी’ यानी 14 से 29 साल की उम्र के…

चढ़ावा चोरी का नाटक फायदा करेगा या नुकसान

August 2, 2026

संसद के मानसून सत्र में दो स्तर पर राजनीतिक लड़ाई चल रही है। एक लड़ाई केंद्र सरकार और एनडीए बनाम विपक्ष की है। दूसरी लड़ाई विपक्ष के अंदर है। विपक्ष की पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ स्कोर करने की संभावना तलाश रही हैं। तभी राहुल गांधी ने जब पेपर लीक को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया…

जंतर मंतर के बाद क्या झारखंड की बारी

August 2, 2026

दिल्ली में जंतर मंतर पर धरने और प्रदर्शन के बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि अब किसकी बारी होगी। पहले ऐसा लग रहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी के नेता बिहार जाएंगे क्योंकि अभिजीत दिपके ने कह दिया था कि वे दो दिन में बिहार पहुंचेंगे। कुछ लोग मांग कर रहे थे कि…

उपेंद्र कुशवाहा का ध्यान रखने की मजबूरी

August 2, 2026

सोचें, भारतीय जनता पार्टी ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया है। वे कुशवाहा समाज के सबसे बड़े नेता हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद किसी भी पार्टी के कुशवाहा नेता का कोई भविष्य नहीं बचा। राजद के संसदीय दल के नेता अभय कुशवाहा ने जाकर सम्राट चौधरी को गुलदस्ता दिया। इसके बावजूद भाजपा को उपेंद्र…

हिंदुओं को आखिर करना क्या है?

August 2, 2026

यह कंफ्यूजन इस बात से पैदा हुआ है कि दिल्ली में राज्य सरकार ने महिला सम्मान निधि के नाम पर महिलाओं को ढाई हजार रुपए देने की जो लक्ष्मी योजना शुरू की है उसमें एक प्रावधान किया गया है कि जिन महिलाओं के तीन या उससे ज्यादा बच्चे हैं उनको इस योजना का लाभ नहीं…

logo