अजित वाले सारे पद मिलेंगे सुनेत्रा को

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महाराष्ट्र के दिवंगत उप मुख्यमंत्री अजित पवार के पास जितने भी पद थे उनमें से वित्त मंत्रालय को छोड़ कर बाकी सारे पद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को मिलेंगे। वे 13 दिन का श्राद्ध का समय खत्म होने से पहले ही महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री बन गई हैं। इसके बाद उनको अपने पति की तरह ही पुणे और बीड जिले का पालक मंत्री नियुक्त किया गया है। ध्यान रहे अजित पवार ने जिद करके इन दोनों जिलों के गार्जियन मिनिस्टर का पद हासिल किया था। असल में मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र में पार्टी के पुराने असर को कायम रखने के लिए इन जिलों में असर की जरुरत है। आमतौर पर स्थानीय नेता को यह जिम्मेदारी नहीं मिलती है लेकिन अजित पवार के लिए अपवाद बनाया गया और अब उनकी पत्नी को भी उन्हीं जिलों का प्रभार मिला है।

इसके बाद बारी है एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की। उस पद के रास्ते में भी कोई बाधा नहीं है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने अपनी दावेदारी से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि वे अध्यक्ष पद के दावेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि वे सुनेत्रा पवार को अध्यक्ष बनाए जाने के पक्ष में हैं। असल में पार्टी पवार परिवार से बाहर के किसी व्यक्ति को इस समय कोई पद नहीं दे सकती है। अगर ऐसा हुआ तो दूसरा खेमा यानी शरद पवार की पार्टी को बढ़त मिल जाएगी। इसलिए जल्दी ही सुनेत्रा पवार पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगी। उसके बाद अगर शरद पवार उनके नेतृत्व को स्वीकार करते हैं और अपनी बेटी सुप्रिया सुले को उनके नेतृत्व में काम करने के लिए तैयार करते हैं तभी दोनों पार्टियों का विलय होगा। शरद पवार के जीवन में इससे पहले शायद ही कभी इससे मुश्किल परिस्थिति आई होगी।


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