सुनेत्रा पवार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगी?

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पवार परिवार की एकजुटता बनते बनते रह गई है। हो सकता है कि आने वाले दिनों में फिर से इस पर चर्चा हो। लेकिन कम से कम अभी इसमें दिक्कतें आने लगी हैं। शरद पवार इस बात से आहत हुए कि सुनेत्रा पवार ने उप मुख्यमंत्री बनने का फैसला किया तो उनसे बात नहीं की। असल में अजित पवार के अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन के बाद शरद पवार के यहां एक बैठक हुई, जिसमें सुप्रिया सुले, रोहित पवार, युगेंद्र पवार आदि शामिल हुए। इस खबर ने एनसीपी नेताओं को अलर्ट किया और प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे आदि ने जाकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से बात की और आनन फानन में उनको विधायक दल का नेता चुन कर उप मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया।

दोनों पार्टियों के विलय के फैसले से पहले आनन फानन में सुनेत्रा पवार के देवेंद्र फड़नवीस सरकार में उप मुख्यमंत्री बनने का अर्थ यह है कि विलय की बात अभी टलने वाली है। क्योंकि असली बात उप मुख्यमंत्री पद की नहीं, बल्कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की है। अगर सुनेत्रा पवार जितनी जल्दबाजी में उप मुख्यमंत्री के लिए तैयार हुईं अगर उतनी ही जल्दबाजी में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनती हैं तो शरद पवार खेमे के लिए मुश्किल होगी। जानकार सूत्रों का कहना है कि अजित पवार के निधन के बाद जिस तरह से शरद पवार के यहां मीटिंग्स वगैरह शुरू हुईं और कहा जाने लगा कि विलय जल्दी होगा और अजित पवार खेमे के विधायक शरद पवार के संपर्क में हैं उसकी वजह से सुनेत्रा को आनन फानन में फैसला करना पड़ा। यही बात राष्ट्रीय अध्यक्ष के मामले में भी कही जा रही है। सुनेत्रा पवार खेमे के एक जानकार नेता का कहना है कि अगर कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल या किसी अन्य को अध्यक्ष बनाया गया और दूसरी ओर पवार परिवार का कोई अध्यक्ष होगी तो पवार परिवार के निष्ठावान नेता और कार्यकर्ता उसके साथ जा सकते हैं। इसलिए सुनेत्रा पवार को अध्यक्ष बनाए जाने की बात लगभग तय हो गई है।


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