भारतीय नाविकों पर यूएस का तीसरा हमला

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नई दिल्ली। होर्मुज की खाड़ी के नजदीक भारतीय नाविकों वाले एक और टैंकर पर हमला हुआ है। इस हफ्ते भारतीय नाविकों वाले टैंकर पर यह तीसरा हमला है और यह हमला भी अमेरिका की नौसेना ने किया है। टैंकर पर भारतीय नाविकों के होने की जानकारी के बाद भी अमेरिका नौसेना की ओर से हमला किए जाने की खबर है। इस हमले में टैंकर को नुकसान हुआ लेकिन नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इससे पहले मंगलवार को हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी।

बहरहाल, तीसरा हमला गुरुवार को ओमान तट के पास हुआ। इस टैंकर पर 20 भारतीय नाविक सवार थे। गिनी बिसाऊ के झंडे वाले जलवीर नामक जहाज पर यह हमला हुआ भारत के शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक, ओमान के शिनास बंदरगाह के पास जहाज में आग लगने के बाद उसने आपात संदेश भेजा। सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। इससे पहले मंगलवार को ओमान के तट के पास तेल टैंकर सेत्तेबेल्लो पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी।

इससे पहले सोमवार को मारिवेक्स नाम के तेल टैंकर पर भी हमला हुआ था, जिसके बाद भारतीय नाविकों ने मदद के लिए इमरजेंसी मैसेज भेजा था। इस बीच गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि जहाज पर अमेरिकी नौसेना ने हमला किया था। इस पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि गिनी बिसाऊ के झंडे वाले इस जहाज पर ईरानी तेल ले जाने का आरोप था। उसका कहना है कि जहाज के चालक दल ने उसके निर्देश नहीं माने, इसलिए एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन वाले हिस्से पर दो हेलफायर मिसाइल दागीं।

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने मारिवेक्स और सेत्तेबेल्लो पर कार्रवाई को भी सही ठहराते हुए कहा था कि दोनों जहाजों ने अमेरिकी सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन नहीं किया था। गौरतलब है कि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों के आसपास अपनी समुद्री नाकेबंदी लागू कर रखी है। बहरहाल, भारत ने इससे पहले अमेरिका राजनयिक को बुला कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था और कहा था कि जहाजों पर हो रहे हमले तुरंत बंद होने चाहिए। भारत सरकार ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय बुलाकर अपनी चिंता जताई और कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उधर अमेरिका का दावा है कि 13 अप्रैल से अब तक उसने नौ जहाजों पर कार्रवाई की है, 135 जहाजों का रास्ता बदला है और राहत सामग्री ले जा रहे 42 जहाजों को आगे जाने की अनुमति दी है। इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने अमेरिका को साफ मैसेज दिया है कि समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और जहाजों पर हो रहे हमले तुरंत बंद होने चाहिए। भारत ने यह भी कहा कि क्षेत्र में जारी संघर्ष का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के जरिए निकाला जा सकता है।


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