नौसेना के नए वाइस चीफ बने अजय कोचर

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भारतीय नौसेना में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। इसके अंतर्गत वाइस एडमिरल अजय कोचर ने शुक्रवार को नौसेना के 48वें वाइस चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ (वीसीएनएस) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उच्च-स्तरीय नौसैनिक अभियानों में उनकी भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी गई। उनका नौसैनिक करियर 37 वर्षों से अधिक लंबा रहा है। 

वाइस एडमिरल अजय कोचर ने अपने शानदार करियर में कई युद्धपोतों, रणनीतिक परियोजनाओं और महत्वपूर्ण कमानों का सफल नेतृत्व किया। वह भारतीय नौसैनिक पोत ‘नाशक’, ‘विभूति’ व ‘किरपाण’ की कमान संभाल चुके हैं। इसके अलावा वह नौसेना के फ्रिगेट ‘त्रिकंड’ के पहले कमीशनिंग कमांडिंग ऑफिसर भी थे। उन्होंने नौसेना के सबसे महत्वपूर्ण युद्धपोतों में शामिल विमानवाहक पोत ‘आईएनएस विक्रमादित्य’ की कमान भी संभाली। उनके नेतृत्व में इस युद्धपोत के एयर विंग का सफल एकीकरण और परिचालन क्षमता का विस्तार किया गया, जिसे भारतीय नौसेना की बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।

उन्होंने अपनी नई जिम्मेदारी संभालने से पहले नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को नमन किया। यहां पुष्पचक्र अर्पित कर उन्होंने राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। भारतीय नौसेना में वाइस एडमिरल अजय कोचर की नियुक्ति को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर जब हिंद महासागर क्षेत्र में सामरिक चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। उनके व्यापक अनुभव, परिचालन नेतृत्व और रणनीतिक दृष्टिकोण से भारतीय नौसेना की युद्धक क्षमता तथा समुद्री सुरक्षा ढांचे को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

बता दें कि वाइस एडमिरल अजय कोचर भारतीय नौसेना के उन वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं जिनका सैन्य जीवन नेतृत्व, रणनीतिक सोच और परिचालन क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में देखा जाता है। वाइस एडमिरल अजय कोचर पुणे स्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं। 01 जुलाई 1988 को उन्हें भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त हुआ था।

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नौसेना के मुताबिक, वह गनरी एवं मिसाइल सिस्टम के विशेषज्ञ अधिकारी हैं। अपने लंबे नौसैनिक करियर के दौरान उन्होंने ऑपरेशनल, प्रशासनिक और रणनीतिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। वाइस एडमिरल कोचर ने सैन्य शिक्षा और रणनीतिक अध्ययन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, गोवा स्थित नेवल वॉर कॉलेज तथा यूनाइटेड किंगडम के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से उच्च सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। नौसेना मुख्यालय में भी उन्होंने कई अहम रणनीतिक और नीति-निर्माण संबंधी पदों पर कार्य किया। इनमें जॉइंट डायरेक्टर नेवल प्लान्स, डायरेक्टर स्टाफ रिक्वायरमेंट्स तथा प्रिंसिपल डायरेक्टर डीएससीटी जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल रहे। इन भूमिकाओं में उन्होंने नौसेना के आधुनिकीकरण, युद्धक तैयारियों और दीर्घकालिक रणनीतिक योजनाओं को मजबूत करने में योगदान दिया।

साल 2018 में फ्लैग रैंक पर पदोन्नति मिलने के बाद उन्होंने एयरक्राफ्ट कैरियर परियोजनाओं तथा युद्धपोत निर्माण एवं अधिग्रहण से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व संभाले। वहीं वर्ष 2021 में उन्हें पश्चिमी बेड़े की कमान सौंपी गई।

गौरतलब है कि पश्चिमी बेड़ा भारतीय नौसेना की सबसे महत्वपूर्ण और शक्तिशाली परिचालन इकाइयों में से एक है। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के कमांडेंट के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। यहां उन्होंने प्रशिक्षण मानकों और आधारभूत संरचना के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया। उनके कार्यकाल में कैडेट प्रशिक्षण प्रणाली को और अधिक आधुनिक तथा तकनीक आधारित बनाने के प्रयास किए गए। 25 मई 2024 को उन्होंने पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ ऑफ स्टाफ का पद संभाला। उस समय पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां काफी जटिल थीं। उन्होंने पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों प्रकार के खतरों से निपटने के लिए नौसेना की तैयारियों को मजबूत किया।

उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और असाधारण नेतृत्व क्षमता के लिए उन्हें वर्ष 2022 में ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ तथा वर्ष 2026 में ‘परम विशिष्ट सेवा मेडल’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारतीय सशस्त्र बलों में अत्यंत प्रतिष्ठित माने जाते हैं। वाइस चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ बनने से पहले वह अंडमान एवं निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्यरत थे। इस पद पर रहते हुए उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त संचालन, समन्वय और एकीकृत सैन्य क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उनका पारिवारिक जीवन भी विविध उपलब्धियों से जुड़ा हुआ है। उनकी पत्नी एक कलाकार हैं और विज्ञापन तथा शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर चुकी हैं। उनकी पुत्री सबाह स्वतंत्र पत्रकार हैं, जबकि पुत्र करण एक वित्तीय परामर्श कंपनी में कार्यरत हैं।

Pic Credit : ANI


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