नई दिल्ली। नए हफ्ते के पहले दिन सोमवार की सुबह को सरकार ने लोगों को बड़ा झटका दिया। पिछले दो बार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक रुपए लीटर से कम की बढ़ोतरी हो रही थी। लेकिन सोमवार को सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा किया। पेट्रोल के दाम प्रति लीटर 2.61 रुपए और डीजल के दाम प्रति लीटर 2.71 रुपए बढ़ गए। इससे पहले सरकार ने 15 मई को दोनों ईंधनों की कीमत में तीन तीन रुपए की बढ़ोतरी की थी।
सोमवार को हुई बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत एक सौ रुपए की मनोवैज्ञानिक सीमा पार कर गई है। दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपए और डीजल की कीमत 95.20 रुपए हो गई है। इस तरह से सोमवार की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली के साथ साथ कई और शहरों में पेट्रोल की कीमत एक सौ रुपए प्रति लीटर का आंकड़ा पार कर गई। इसमें लखनऊ, चंडीगढ़ और देहरादून भी शामिल हैं।
डीजल की कीमतों में 2.71 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद अब कई शहरों में डीजल के दाम भी सौ रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं। कोलकाता में डीजल की कीमत 99 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा हो गई है। अगली बढ़ोतरी के बाद डीजल भी सौ रुपए लीटर की सीमा पार कर जाएगा।
बहरहाल, पांच राज्यों का चुनाव खत्म होने के बाद सरकार ने तेल की कीमतों में इजाफा शुरू किया। सबसे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम में तीन तीन रुपए की बढ़ोतरी हुई और सीएनजी के दाम में दो रुपए की किलो की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद 19 मई को दोनों ईंधन के दाम में 90 पैसे की बढ़ोतरी हुई और सीएनजी के दाम एक रुपए किलो बढ़े। इसके बाद 23 मई को पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई।
अब पेट्रोल 2.61 और डीजल 2.71 रुपए लीटर महंगा हुआ है। इस तरह पिछले 11 दिन में पेट्रोल 7.40 रुपए और डीजल 7.51 रुपए लीटर महंगा हुआ है। इस बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को बताया कि हाल की बढ़ोतरी के बाद सरकारी तेल कंपनियों का घाटा कम हो गया है। अब यह घाटा कम होकर करीब छह सौ करोड़ रुपए प्रति दिन रह गया है। बताया गया है कि 15 मई से शुरू हुए कीमतों में बदलाव से पहले पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस बेचने पर कंपनियों को हर दिन करीब एक हजार करोड़ रुपए का घाटा हो रहा था। गौरतलब है कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद 28 फरवरी से ही तेल की आपूर्ति बिगड़ी है और कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर से बढ़ कर एक सौ डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गए।
