मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस

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नई दिल्ली। कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिख कर कहा कि प्रधानमंत्री ने शनिवार को ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ में विपक्षी सांसदों के वोट और उनके इरादों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि यह नियमों के खिलाफ है।

वेणुगोपाल ने चिट्ठी में लिखा कि प्रधानमंत्री ने करीब आधे घंटे के संबोधन में विपक्षी पार्टियों पर महिला आरक्षण बिल रोकने का आरोप लगाया। सांसदों के वोटिंग पैटर्न पर सवाल उठाए। उनके फैसलों के पीछे की मंशा पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस मामले को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए और प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाए। इस तरह के बयान चुने हुए सांसदों की स्वतंत्रता और उनकी ईमानदारी पर सवाल खड़े करते हैं। इससे संसद की गरिमा और अधिकार कमजोर होते हैं।

वेणुगोपाल ने अपनी चिट्ठी में लिखा, ‘संविधान सांसदों को स्वतंत्र रूप से काम करने का अधिकार देता है। कोई भी व्यक्ति यहां तक कि प्रधानमंत्री भी, उनके वोट या आचरण पर सवाल नहीं उठा सकता’। उन्होंने आगे लिखा, ‘किसी सांसद ने संसद में क्या कहा या कैसे वोट किया, उसके पीछे कारण बताना गलत है। ये सदन के विशेषाधिकार का गंभीर उल्लंघन और अवमानना है’।

इसके बाद वेणुगोपाल ने विधेयक पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक महिला आरक्षण के नाम पर लाया गया था, लेकिन इसके जरिए परिसीमन से जुड़े प्रावधानों में बदलाव की कोशिश थी। विपक्ष इसी का विरोध कर रहा था। दूसरी ओर कांग्रेस महासचिव और संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन आमतौर पर देश को जोड़ने और भरोसा बढ़ाने के लिए होता है। इस बार संबोधन में खुल कर राजनीतिक बात हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर 59 बार निशाना साधा गया। इसे प्रधानमंत्री के रिकॉर्ड पर एक और दाग माना जाएगा।


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