नई दिल्ली। शराब नीति घोटाले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की रिहाई के बाद कांग्रेस ने भाजपा और आम आदमी पार्टी में मिलीभगत का आरोप लगाया। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा ने कहा, ‘इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है। इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है। भाजपा हर चुनाव से पहले यही करती है। अगर उन्हें कांग्रेस को कमज़ोर करना सही लगता है, तो वे कांग्रेस के दुश्मनों को मज़बूत करेंगे। उन्होंने पहले भी यही किया है’। उन्होंने इसे कांग्रेस मुक्त भारत बनाने की भाजपा की राजनीति का दांव कहा।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष राजा अमरिंदर सिंह वारिंग ने कहा, ‘मुझे समझ नहीं आया कि केंद्र सरकार ने बहुत बड़े इल्ज़ाम लगाए और जिस तरह डेढ़ साल जेल में रखा। जो गंभीर आरोप होते हैं उसी में डेढ़ साल बाद जमानत मिलती है। अगर इतने बड़े आरोप नहीं थे तो डेढ़ साल अंदर क्यों रखा और अगर आरोप सही थे तो क्लीन चिट कैसे मिली’? उन्होंने कहा, ‘भाजपा, प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री, अरविंद केजरीवाल ही बता सकते हैं कि यह खेला कैसे हुआ’?
दूसरी ओर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, ‘हम सब जानते हैं कि शराब नीति मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई थी। अगर केजरीवाल सही थे, तो जांच शुरू होते ही आपने शराब नीति वापस क्यों ले ली? अदालतों ने भी इस मामले पर चिंता जताई थी और मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले थे। आज भी वे नाटक कर रहे हैं। दिल्ली की जनता ने उनको सत्ता से हटाकर न्याय किया। मुझे यकीन है कि अदालत भी न्याय करेगी’।
