प्रयागराज/वाराणसी। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ प्रयागराज की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एक अदालत के आदेश के तुरंत बाद आननफानन में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि आशुतोष पांडेय नाम के एक व्यक्ति की शिकायत पर शंकराचार्य के ऊपर नाबालिग बच्चों के यौन शोषण का मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत करने वाला व्यक्ति अपने को शाकम्भरी पीठ से जुड़ा बताया है लेकिन उसके खिलाफ 20 से ज्यादा मामले हैं। उसे उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर घोषित किया था।
कहा जा रहा है कि मामला चूंकि पुराना है इसलिए पुलिस पहले पूछताछ करेगी लेकिन उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। पुलिस की एक टीम वाराणसी भी पहुंची है। हालांकि सोमवार को शंकराचार्य ने कहा कि वे गिरफ्तारी से नहीं डरते हैं। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आती है तब भी वे इसका विरोध नहीं करेंगे।
शंकराचार्य ने भी उसे हिस्ट्रीशीटर बताया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें प्रहार की उम्मीद तो थी लेकिन इतनी नीच प्रहार होगा, यह नहीं सोचा था। ध्यान रहे शंकराचार्य और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा है।
बहरहाल, बच्चों के यौन शोषण के मामले में प्रयागराज पुलिस की एक टीम ने हरदोई में पीड़ित के परिवार का बयान लिया है। दूसरी टीम सोमवार दोपहर वाराणसी पहुंची। बताया जा रहा है कि टीम शंकराचार्य से पूछताछ कर सकती है। इससे पहले रविवार को पुलिस शिकायतकर्ता आशुतोष के साथ माघ मेला क्षेत्र पहुंची। पुलिस ने उस जगह का निरीक्षण किया, जहां शंकराचार्य का शिविर लगा था। पुलिस ने शिविर के आने जाने के रास्तों और आसपास के इलाके का नक्शा तैयार किया।
पुलिस की जांच के बीच सोमवार की सुबह शंकराचार्य ने वाराणसी के आश्रम में वकीलों के साथ बैठक की। यह भी कहा जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वे हाई कोर्ट से राहत मांग सकते हैं। शंकराचार्य ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। उन्होंने कहा, ‘मैं कहीं भाग नहीं रहा। पुलिस का सामना करूंगा। जिन छात्रों के यौन शोषण का आरोप लगा है, वे मेरे गुरुकुल के नहीं हैं’। उन्होंने आगे कहा, ‘जनता को यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं। जहां भाजपा सरकार नहीं, उस राज्य की पुलिस से जांच कराई जाए’।
इस बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने मामले में प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा, ‘ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरुद्ध दर्ज पॉक्सो केस से राजनीतिक प्रतिशोध की बू आती है। यह कार्रवाई तब हुई, जब शंकराचार्य ने कुंभ मेले की अव्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं को हुई परेशानियों पर प्रदेश सरकार से सवाल किए थे’।
