संधि किसानों के गले का फंदा:कांग्रेस

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नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच होने वाली व्यापार संधि का कांग्रेस ने एक बार फिर विरोध किया है। कांग्रेस ने इसे किसानों के गले का फंदा बताया है। अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए जाने वाले टैरिफ को लेकर भी कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला किया. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी तारीफ करते रहते हैं, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप टैरिफ लगाते रहते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं यह राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों के आधार पर कह रहा हूं’।

कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि अगर समझौता होना है तो बराबरी का होना चाहिए। लेन देन का मतलब यह नहीं है कि भारत सिर्फ देता रहेगा और कुछ लेगा नहीं। रमेश ने कहा कि यह डील संतुलित नहीं बल्कि एकतरफा है। इसका सबसे बड़ा असर देश के किसानों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता मक्का, कपास, सोयाबीन, सेब, फल और अखरोट उगाने वाले किसानों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

रमेश ने कहा, ‘क्या सरकार गारंटी दे सकती है कि जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और राजस्थान के किसान इस डील से प्रभावित नहीं होंगे? यह किसानों के गले में फांसी जैसा है’। उन्होंने बताया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर भोपाल, यवतमाल और श्रीगंगानगर में ‘महा किसान महा चौपाल’ आयोजित करेगी। रमेश ने यह सवाल भी उठाया कि अगर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला था, तो व्यापार समझौते को इतनी जल्दबाजी में लागू करने की जरूरत क्यों पड़ी?

रमेश ने सरकार से दो सवाल और पूछे। पहला, ‘जब टैरिफ 18 से घटा कर 10 फीसदी किए गए, तो क्या भारत कृषि उत्पादों पर लगे कर को घटाने या हटाने की मांग करेगा’? दूसरा, ‘रूस से तेल खरीद को लेकर ट्रंप के बयानों और भारत के रुख में अंतर क्यों दिखाई देता है? वास्तविक स्थिति क्या है’? रमेश ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीजफायर की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा किए जाने का मुद्दा भी उठाया।


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