एआई समिट में टेक दिग्गज आए

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नई दिल्ली। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का मुख्य कार्यक्रम गुरुवार, 19 फरवरी को शुरू हुआ। दुनिया भर की प्रौद्योगिकी कंपनियों के दिग्गज इसमें शामिल हुए और प्रौद्योगिकी के साथ साथ आम लोगों के जीवन पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के असर पर अपनी राय रखी। प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम में गुरुवार को ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन ने कहा कि एआई से सॉफ्टवेयर उद्योग पूरी तरह से बदल जाएगा। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने एआई को जिंदगी का सबसे बड़ा बदलाव बताया तो एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने कहा कि एआई में जो क्षमता है, वैसी पहले किसी तकनीक में नहीं देखी।

गौरतलब है कि गुरुवार के कार्यक्रम में कई असहज करने वाले क्षण भी रहे। जब सारे टेक दिग्गज मंच पर जमा हुए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने अगल बगल खड़े सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन के हाथ पकड़ कर चुनावी रैलियों की तरह ऊपर उठाए। ऑल्टमैन थोड़ी देर इसे समझने का प्रयास करते रहे कि यह क्या हो रहा है। ऑल्टमैन के दूसरी तरफ खड़े एंथ्रोपिक को सीईओ डारियो अमोदेई ने उनका हाथ नहीं पकड़ा। माना जा रहा है कि दोनों कंपनियों के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा की वजह से अमोदेई ने उनका हाथ नहीं पकड़ा।

बहरहाल, सैम ऑल्टमैन ने अपने भाषण में कहा कि एआई सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री के काम करने के तरीके को बदल देगा। उन्होंने कहा कि एआई के कारण टेक कंपनियों के लिए बहुत कुछ बदलने वाला है, क्योंकि कोडिंग अब पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान और तेज हो गई है। ऑल्टमैन ने कहा ‘यह पूरी तरह सच है कि अब सॉफ्टवेयर बनाना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है और मुझे यकीन है कि यह कुछ सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए काफी बुरा साबित होगा’।

गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसाबिस ने एआई को वैज्ञानिक खोजों में तेजी लाने का एक बेहतरीन उपकरण और मानव प्रतिभा को कई गुना बढ़ाने वाली टेक्नोलॉजी बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया इसके विकास में एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि एआई में तेजी से प्रगति करने वाला युग लाने की क्षमता है. उन्होंने यह भी कहा कि एआई जितना किसी भी टेक्नोलॉजी ने उन्हें ‘बड़े सपने देखने’ के लिए प्रेरित नहीं किया। पिचाई ने कहा, ‘यह हमारे जीवनकाल का सबसे बड़ा बदलाव है। हम तीव्र प्रगति और नई खोजों के मुहाने पर हैं जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं को पुरानी कमियों को दूर करने में मदद कर सकती हैं’।

एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने अपने भाषण में कहा कि एआई करीब एक दशक से तेजी से विकास कर रहा है और कुछ ही साल में एआई मॉडल, ज्यादातर कामों में इंसानों की क्षमताओं को पार कर जाएंगे। एडोब के चेयरमैन और सीईओ शांतनु नारायण ने कहा कि भारत में एआई के प्रभाव अगले कुछ सालों में दुनिया के अन्य किसी भी देश की तुलना में ज्यादा नजर आएंगे क्योंकि यहां आबादी ज्यादा है।


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