नरवणे की किताब पर कौन झूठ बोल रहा है?

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नई दिल्ली। पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के प्रकाशन की क्या स्थिति है? किताब के प्रकाशन अधिकार रखने वाली कंपनी पेंग्विन रैंडम हाउस ने कहा है कि किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई। कंपनी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘प्रकाशन के सभी अधिकार हमारे पास हैं। अब तक किताब की न तो कोई छपी हुई कॉपी आई है और न ही डिजिटल कॉपी सामने आई है’। जनरल नरवणे ने भी मंगलवार को इस मसले पर चुप्पी तोड़ी और उन्होंने प्रकाशन की ओर से सोशल मीडिया में किए गए पोस्ट को साझा करते हुए कहा, ‘किताब की यह स्थिति है’।

हालांकि दूसरी ओऱ राहुल गांधी ने जनरल नरवणे की 2023 की एक सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र किया। इसमें उन्होंने प्रकाशक के हवाले से ही कहा था कि उनकी किताब अब उपलब्ध है। इसका जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा, “एमएम नरवणे ने एक्स पर पोस्ट किया है, ‘हेलो दोस्तों, मेरी किताब अब उपलब्ध है। लिंक फॉलो करें। हैप्पी रीडिंग’। या तो एमएम नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन झूठ बोल रहा है। मैंने आर्मी चीफ पर विश्वास करना चुना”। उन्होंने आगे कहा, ‘क्या आप एमएम नरवणे के बजाय पेंगुइन पर विश्वास करेंगे? किताब में कुछ ऐसी बातें हैं जो सरकार के लिए असुविधाजनक हैं।’।

असल में मंगलवार को कंपनी को इसलिए सफाई देनी पड़ी क्योंकि किताब की अनधिकृत रूप से बिक्री और ऑनलाइन सरकुलेशन का दावा सामने आया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआऱ दर्ज की है। गौरतलब है कि राहुल गांधी ने बजट सत्र में दो फरवरी को अपने भाषण में इस किताब का जिक्र किया था। लेकिन उनको बोलने नहीं दिया गया था। बाद में चार फरवरी को वे किताब की प्रति लेकर संसद में पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि इस किताब के प्रकाशन को अभी रक्षा मंत्रालय से आवश्यक मंजूरी नहीं मिली है। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी टाइटल वाली किताब की पीडीएफ कॉपी कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध थी।


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