विपक्ष के पास क्या मुद्दा बचा?

पिछले कुछ दिनों से विपक्षी पार्टियां, जिन मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेर रही थीं वो सारे मुद्दे एक एक करके सुलझते जा रहे हैं। विपक्ष की एकत बनाने वाले ज्यादातर मुद्दे भी अब सुलझ गए हैं या कम से कम इतना हो गया है कि विपक्ष जो मांग कर रहा था वह मांग पूरी… Continue reading विपक्ष के पास क्या मुद्दा बचा?

बिहार में शह और मात का खेल

बिहार की तीनों बड़ी पार्टियां राष्ट्रीय जनता दल, भाजपा और जनता दल यू दबाव में हैं क्योंकि उनकी सहयोगी छोटी पार्टियां तेवर दिखा रही हैं। छोटी पार्टियों को पता है कि चुनाव से पहले गठबंधन बचाने की जिम्मेदारी बड़ी पार्टियों की है और बड़ी पार्टियां उनकी बात मान सकती हैं। इसलिए सबने अपनी अपनी मांग… Continue reading बिहार में शह और मात का खेल

असम चुनाव से पहले बीटीसी का चुनाव

अगले साल अप्रैल में होने वाले असम विधानसभा चुनाव से पहले सभी पार्टियों की तैयारियों और संभावनाओं की परीक्षा होने वाली है। अगले हफ्ते 22 सितंबर को बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद यानी बीटीसी का चुनाव होने वाला है। बीटीसी की 40 सीटों के लिए मतदान होगा। इससे सिर्फ बोडोलैंड में पार्टियों की ताकत की परीक्षा नहीं… Continue reading असम चुनाव से पहले बीटीसी का चुनाव

पीएम की फोटो के साथ कंपनियों के विज्ञापन

नोटबंदी की घोषणा के अगले दिन पेटीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ विज्ञापन जारी किया था। सभी अखबारों में पहले पन्ने पर यह विज्ञापन छपा था। तब इसे लेकर बड़ा विवाद हुआ था और यह सवाल उठा था कि कैसे पेटीएम को पता था कि नोटबंदी होने वाली है, जो उसने अगले… Continue reading पीएम की फोटो के साथ कंपनियों के विज्ञापन

के. कविता अब क्या करेंगी?

तेलंगाना में कुछ दिलचस्प होने की संभावना है। पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता को पार्टी से निकाला गया तो उन्होंने पार्टी और विधान परिषद की सदस्यता दोनों से  इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके भाई केटी रामाराव उनके पिता चंद्रशेखर राव को गुमराह कर रहे हैं और भाजपा… Continue reading के. कविता अब क्या करेंगी?

जेपीसी पर सारी पार्टियां खामोश हैं

गिरफ्तारी और 30 दिन की हिरासत पर मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और प्रधानमंत्री को पद से हटाने का कानून बनाने के लिए लाए गए तीनों विधेयकों पर विचार के लिए बनी संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी का गठन नहीं हो पाया है। गठन तो छोड़िए अभी तक किसी भी पार्टी ने इसके लिए नाम नहीं भेजे हैं।… Continue reading जेपीसी पर सारी पार्टियां खामोश हैं

मणिपुर में फैसला आसान नहीं होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे के बाद फीलगुड का अहसास कराया जा रहा है। भाजपा का इकोसिस्टम सब कुछ अच्छा हो जाने का प्रचार कर रहा है। लेकिन सब कुछ अच्छा हो जाना बहुत आसान नहीं है क्योंकि प्रधानमंत्री की यात्रा के बावजूद जातीय हिंसा में उलझे दोनों समुदायों के बीच बर्फ नहीं पिघली… Continue reading मणिपुर में फैसला आसान नहीं होगा

रूड़ी क्या अब भाजपा के काम आएंगे?

बिहार की सारण लोकसभा सीट से सांसद राजीव प्रताप रूड़ी अब राजपूतों के संभवतः सबसे बड़े नेता हो गए हैं और उनका असर पूरे देश में फैल गया है। वे खुल कर राजपूतों और सवर्णों की बात कर रहे हैं। बिहार में तो उन्होंने बहुत स्पष्ट शब्दों में 10 फीसदी अगड़ों की राजनीति करने का… Continue reading रूड़ी क्या अब भाजपा के काम आएंगे?

कांग्रेस क्या बंगाल में लेफ्ट की जगह ले रही है?

एक समय पश्चिम बंगाल कम्युनिस्ट राजनीति का अभेद किला था। साढ़े तीन दशक तक कम्युनिस्ट पार्टियों ने बंगाल में राज किया और अब उन्हीं के रोडमैप पर ममता बनर्जी डेढ़ दशक से बंगाल पर राज कर रही हैं। इस डेढ़ दशक में पश्चिम बंगाल में लेफ्ट का बोरिया बिस्तर बंध गया। वहां से न तो… Continue reading कांग्रेस क्या बंगाल में लेफ्ट की जगह ले रही है?

अब पहलगाम का मुद्दा कैसे उठाएगी भाजपा?

बिहार में विधानसभा के चुनाव की भले घोषणा नहीं हुई है लेकिन राज्य चुनावी मोड में है।  भाजपा के नेता देशभक्ति को मुद्दा बना कर प्रचार रहे हैं। भाजपा विरोधियों को पाकिस्तान भेजने का बयान देने वाला विभाग संभाल रहे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह मंदिर और मस्जिद के विवाद में जुटे हैं और इस बीच… Continue reading अब पहलगाम का मुद्दा कैसे उठाएगी भाजपा?

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