उत्तर प्रदेश में तिलक, तराजू और तलवार… वाला नारा नहीं लौटा है लेकिन बिहार में ‘भूराबाल’ की राजनीति फिर लौट आई है। ‘भूराबाल’ मतलब बिहार की चार सवर्ण जातियां, भूमिहार, राजपूत, ब्राह्मण और लाला यानी कायस्थ। नब्बे के दशक में किसी समय यह नारा बिहार चला था और कहा गया था कि तब के बिहार… Continue reading बिहार में फिर ‘भूराबाल’ की राजनीति
