अब जब कोई और मुद्दा नहीं तो गाली का बनाओं!

उल्लेखनीय बात है कि बिहार में वोटर अधिकार यात्रा में गाली देने की जहां यह घटना हुई, वहां राहुल और तेजस्वी गए ही नहीं थे। यात्रा जब 27 अगस्त को दरभंगा जिले से गुजर रही थी तो सिंहवाड़ा में अतरबेल गांव में एक स्वागत मंच लगाया गया था। ऐसे मंच यात्रा के रास्ते में जगह… Continue reading अब जब कोई और मुद्दा नहीं तो गाली का बनाओं!

विष्णु के दशावतारों के पूजन का दशावतार व्रत

भारतीय संस्कृति में भगवान विष्णु के इन दशावतारों के स्वतंत्र व संयुक्त रूप से पूजन- अर्चन की भी परंपरा है। स्वतंत्र रूप से पृथक-पृथक अवतरण दिवस तथा संयुक्त रूप से दशावतार व्रत विधि- विधान से मनाए जाने का वृहत उल्लेख पौराणिक ग्रंथों में हुआ है। भगवान विष्णु के दस अवतारों को समर्पित दशावतार व्रत भाद्रपद… Continue reading विष्णु के दशावतारों के पूजन का दशावतार व्रत

भारतीय इतिहास कांग्रेस की राजनीति

एनसीईआरटी के दोनों मॉड्यूल उस की वेबसाइट पर हिन्दी और अंग्रेजी में मुफ्त उपलब्ध हैं। कोई भी उन्हें स्वयं पढ़कर देख सकता है कि हिस्टरी कांग्रेस ने साफ झूठे आरोप लगाए हैं, और ‘अंग्रजों के वफादार (हिन्दू) सांप्रदायिक‘ जैसे गाली-गलौज से काम निकालने की कोशिश की है। बल्कि ‘मुसलमानों के प्रति घृणा फैलाने‘ का आरोप… Continue reading भारतीय इतिहास कांग्रेस की राजनीति

‘गुमनामी बाबा’ के ऐसे सामान का क्या अर्थ?

नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक संपन्न व कुलीन परिवार से थे। आईसीएस (वर्तमान में आईएएस) की परीक्षा में, 1920 में उनकी चौथी रैंक आई थी। आज़ादी की लड़ाई लड़ने के लिए 1921 में उन्होंने इतनी बड़ी नौकरी से इस्तीफ़ा दे दिया था।… बक्से में से उनके परिवार व निकट के लोगों के 110 चित्र मिले… Continue reading ‘गुमनामी बाबा’ के ऐसे सामान का क्या अर्थ?

इस झटके से तो कुछ सबक लें!

नरेंद्र मोदी सरकार भले यह सोचती रही हो कि उसने अमेरिका के साथ सहभागिता का संबंध बना लिया है और ऐसा भारत के हो रहे उदय के कारण हुआ है, मगर अमेरिकी शासकों की निगाह में भारत की अहमियत चीन के खिलाफ एक मोहरे से अधिक नहीं रही है। अब ट्रंप संभवतः यह मानने लगे… Continue reading इस झटके से तो कुछ सबक लें!

स्वदेशी से आत्मनिर्भर बनेगा भारत

अमेरिका ने जो कूटनीति की है और भारत के साथ व्यापार को प्रभावित करने वाले जो फैसले किए हैं वो फैसले भारत की कूटनीति और अर्थनीति दोनों को एक नई दिशा देने वाले साबित होंगे। अमेरिकी चुनौती भारत की कूटनीति को नए रास्ते पर ले जाएगी  और भारत की अर्थव्यवस्था को स्वदेशी व आत्मनिर्भर बनाएगी।… Continue reading स्वदेशी से आत्मनिर्भर बनेगा भारत

जेल जो जाए वह तो नहीं रहे पद पर

गंभीर आरोप से लांछित होकर जेल जाने पर संबंधित मंत्री-मुख्यमंत्री का अपने पद से त्यागपत्र देना राजनीतिक शुचिता के लिए महत्वपूर्ण है। यह प्रशासनिक विश्वसनीयता के लिए भी जरूरी है। जेल विभिन्न श्रेणी के पुलिस पदाधिकारियों के अधीन होता है। जब कोई नेता जेल में होते हुए मंत्रिपद पर बना रहे और सरकार चलाता रहे,… Continue reading जेल जो जाए वह तो नहीं रहे पद पर

आज भी ज़रूरी हैं हस्तलिखित पत्र

मोबाइल और इंटरनेट आ जाने के बावजूद पत्रों का महत्व आज भी बरकरार है। यही कारण है कि हस्तलिखित पत्रों की अहमियत को बढ़ावा देने और लोगों को लेखनी उठाकर कागज़ पर अपने मन के भाव लिखने के लिए प्रेरित करने हेतु विश्व पत्र लेखन दिवस प्रतिवर्ष 1 सितम्बर को मनाया जाता है। 1 सितंबर-… Continue reading आज भी ज़रूरी हैं हस्तलिखित पत्र

भारत आकर क्यों घिरे?

इल्जाम है कि पिछले हफ्ते हुई भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री दहल ने नेपाल को पूरी तरह भारत पर निर्भर बना दिया। जबकि इस यात्रा के दौरान नेपाल को ज्यादा कुछ हासिल नहीं हुआ। नेपाल के विपक्षी दलों के साथ-साथ बुद्धिजीवियों और मीडिया का एक बड़ा हिस्सा भी प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल को घेरने में जुट गया है। उनका इल्जाम है कि पिछले हफ्ते हुई भारत यात्रा के दौरान दहल ने नेपाल को पूरी तरह ‘भारत पर निर्भर’ बना दिया। इस यात्रा के दौरान नेपाल को ज्यादा कुछ हासिल नहीं हुआ।

ट्रंप की डींगें और 420 साल की सजा वाले आरोप!

डोनाल्ड ट्रंप अब अमेरिका के सभी पूर्ववर्ती राष्ट्रपतियों में सबसे अलग बन गए हैं। वे पहले ऐसे पूर्व राष्ट्रपति हो गए है जिन पर फ़ेडरल कानूनों को तोड़ने के आरोप लगे हैं। संघीय सरकार के वे कानून हैं जिनकी रक्षा करने की शपथ उन्होंने करीब छह साल पहले ली थी। अब वे खुद राष्ट्रीय सुरक्षा, गोपनीयता, जासूसी संबंधी कानूनों के उल्लंघनकर्ता के आरोपी बने है।

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