सोनिया गांधी अपने अनुभव सुनाना चाहती हैं, तो आखिर उसका अवसर उन्हें क्यों नहीं मिलना चाहिए? अगर उनकी टिप्पणियां पूर्वाग्रह भरी हुईं, तो उनसे आहत पक्ष के पास जवाब देने का पूरा अवसर मौजूद रहेगा। कहने को तो भारत लोकतंत्र है, लेकिन यहां विपक्ष के सर्व-प्रमुख नेताओं तक को अपनी कहानी बताने की आजादी नहीं… Continue reading अज़ीब मुकाम है यह!
