पृथ्वी की गर्मी पर दो खलनायकों की गरमागरमी

Categorized as श्रुति व्यास कालम

क्लाइमेट चेंज से जुड़े मसलों में राष्ट्रपति बाइडन के खास कूटनीतिज्ञ जान कैरी इस समय भारत में हैं। भारत आने से ठीक पहले वे चीन में थे। चीनियों से उनकी चर्चा काफी हद तक असफल रही। सच तो यह है कि शी जिनपिंग और उनके मातहतों ने कैरी से दो टूक कह दिया चीनी अपने हिसाब से, अपनी स्पीड से कार्बन डाइऑक्साइड प्रदूषण से निज़ात पाने का काम करेंगे।जाहिर है चीनियों को बीजिंग में बढ़ते तापमान और हीट वेव की फ़िक्र नहीं है, भले जीना दूभर हो। धरती के हालात उनकी प्राथमिकता नहीं हैं। उनकी प्राथमिकता ताकत दिखाना है। दुनिया को यह मानने के लिए मजबूर करना है कि चीन एक बहुत बड़ा और एक बहुत ताकतवर देश है।वह अपने हिसाब से काम करेगा।

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