नेतन्याहू से बरबादी की और इजराइल!

Categorized as श्रुति व्यास कालम

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू जीत गए हैं। पर यह एक ऐसी जीत है जो उन्हें सत्ता के नज़दीक तो बनाए रखेगी लेकिन उन्हें बाकी सब से – जनता से, समर्थकों से, साथियों से – दूर कर देगी। चौबीस जुलाई को इजराइल की संसद नेसेट ने देश के सुप्रीम कोर्ट की ताकत को कम करने वाले कानूनों की सीरीज का पहला कानून पास किया। इस दौरान संसद के बाहर लोग विरोध प्रदर्शन करते रहे। संसद में विपक्षी सदस्य चिल्ला-चिल्लाकर अपशब्द बोलते रहे।फिर वोटिंग के समय वाकआउट किया। इस सबके बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, जिनका दिल मशीन की मदद से धड़क रहा है, शांत बैठे रहे। उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी चीख-चीखकर अपनी बात कहते रहे मानो वे अपने बॉस की मौजूदगी से बेखबर हों।

Become a member to read the full article Become a member

Previous News Next News

More News

अब नहीं हो पाएगा छात्रों का प्रदर्शन

July 31, 2026

बुधवार की शाम को छात्रों के कई समूह जंतर मंतर पर पहुंचे थे। करीब दो घंटे तक उन्होंने प्रदर्शन किया। लेकिन उसमें बहुत उत्साह नहीं दिखा। छात्रों के ये समूह वामपंथी पार्टियों से जुड़े हुए हैं। गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को भी वामपंथी पार्टियों ने समर्थन दिया था। आईसा, एआईएसएफ और…

थरूर, तिवारी आदि शिक्षा पर बहस से बाहर रहे

July 31, 2026

कांग्रेस पार्टी के नेता भाजपा के अनुशासन और एक नेता के प्रति सबके समर्पण को लेकर भाजपा और संघ का मजाक उड़ाते हैं। लेकिन असल में कांग्रेस में भी सब कुछ वैसा ही है, जैसा भाजपा में है। कांग्रेस में भी आलाकमान के खिलाफ बोलने या उससे अलग राय रखने वालों के लिए कोई जगह…

दिल्ली में सिर्फ 17 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ

July 31, 2026

दिल्ली की आबादी दो करोड़ के करीब है और डेढ़ करोड़ मतदाता हैं। अगर सिर्फ मतदाताओं की संख्या के लिहाज से देखें तो 70 लाख के आसपास वयस्क महिलाएं हैं, जो मतदाता हैं। लेकिन दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने महिला सम्मान के नाम पर जिस लक्ष्मी योजना की शुरुआत की है उसमें सिर्फ 17…

बंगाल में अलग प्रयोग चल रहा है

July 31, 2026

पश्चिम बंगाल सरकार ने स्कूलों में बच्चों के मिड डे मील में अंडा शामिल करने का ऐलान किया है। इससे लेफ्ट, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के नेता काफी खुश हैं कि उन्होंने दबाव डाल कर सरकार को मजबूर किया कि वह बच्चों के खाने में अंडा शामिल करे। लेकिन क्या सचमुच सरकार को लगा है…

भारत में इस्तीफे जोर जबरदस्ती ही होते हैं

July 31, 2026

दुनिया के संभवतः किसी दूसरे देश में नैतिकता की उतनी बात नहीं होती होंगी, जितनी भारत में होती हैं। भारत ने दया, करुणा, सत्य, प्रेम, भाईचारे आदि के जितने प्रतीक गढ़े हैं, दुनिया के किसी और देश में उतने नहीं होंगे। भारत में तो एक सतयुग ही था, जिसमें सत्य हरिश्चंद्र थे। लेकिन यह भी…

logo