नेतन्याहू से बरबादी की और इजराइल!

Categorized as श्रुति व्यास कालम

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू जीत गए हैं। पर यह एक ऐसी जीत है जो उन्हें सत्ता के नज़दीक तो बनाए रखेगी लेकिन उन्हें बाकी सब से – जनता से, समर्थकों से, साथियों से – दूर कर देगी। चौबीस जुलाई को इजराइल की संसद नेसेट ने देश के सुप्रीम कोर्ट की ताकत को कम करने वाले कानूनों की सीरीज का पहला कानून पास किया। इस दौरान संसद के बाहर लोग विरोध प्रदर्शन करते रहे। संसद में विपक्षी सदस्य चिल्ला-चिल्लाकर अपशब्द बोलते रहे।फिर वोटिंग के समय वाकआउट किया। इस सबके बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, जिनका दिल मशीन की मदद से धड़क रहा है, शांत बैठे रहे। उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी चीख-चीखकर अपनी बात कहते रहे मानो वे अपने बॉस की मौजूदगी से बेखबर हों।

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