नमाज तय जगहों पर ही पढ़ी जाए, सड़कों पर नहीं : उत्तराखंड सीएम धामी

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सार्वजनिक सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही चेतावनी दी कि चारधाम यात्रा के दौरान यातायात या कानून-व्यवस्था में बाधा डालने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर धर्म का सम्मान किया जाता है, लेकिन कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।

सड़कों पर नमाज की अनुमति देने की वकालत करने वाले कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक गतिविधियां तय स्थानों जैसे मस्जिद और ईदगाह में ही होनी चाहिए, न कि सार्वजनिक जगहों पर, जिससे लोगों को परेशानी हो।

धामी ने कहा, “मैंने एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता को यह कहते हुए सुना कि सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति दी जानी चाहिए। हमने साफ कहा है कि नमाज पढ़ने के लिए तय स्थान हैं और वहीं नमाज होनी चाहिए। यही व्यवस्था है और किसी को भी इस व्यवस्था को बिगाड़ने का अधिकार नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय चारधाम यात्रा चल रही है और देशभर से लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड आकर धामों के दर्शन कर रहे हैं। यात्रा के दौरान सुचारू यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा चारधाम यात्रा चल रही है और लोग अलग-अलग रास्तों से देवभूमि आ रहे हैं। ऐसे समय में सड़कों को धार्मिक प्रदर्शन या अवरोध का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। हमने तय किया है कि किसी भी कीमत पर हमारे राज्य में आने वाले सनातनी और चारधाम यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

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सीएम धामी ने कहा कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहले से ही प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है और सार्वजनिक आवाजाही में बाधा डालने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति या समूह खुद को कानून और व्यवस्था से ऊपर नहीं मान सकता।

उन्होंने कहा, “हर किसी को आस्था का सम्मान करना चाहिए, लेकिन कोई भी कानून और व्यवस्था से ऊपर नहीं है। अगर कोई नमाज पढ़ना चाहता है, तो उसे मस्जिद, ईदगाह और तय स्थानों पर पढ़नी चाहिए। सार्वजनिक जगहों पर बाधा नहीं होनी चाहिए और किसी को भी किसी की वजह से परेशानी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेता हर मुद्दे को सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के नजरिए से देखते हैं, जो सही नहीं है। ऐसे मामलों में तुष्टीकरण और राजनीतिक सोच से ऊपर उठना चाहिए। जो लोग वर्षों से देवभूमि में तुष्टीकरण की राजनीति करते आए हैं, वे करते रहें, लेकिन हम ऐसी राजनीति नहीं करेंगे। 

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार उत्तराखंड की ‘शांति, संस्कृति और अनुशासन’ को किसी भी हाल में बिगड़ने नहीं देगी। उन्होंने देवभूमि को धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व की भूमि बताया।

Pic Credit : ANI


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