पश्चिम बंगाल में भाजपा आई तो गुंडे ऊपर जाएंगे या फिर सलाखों के पीछे: राजनाथ सिंह

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि अगर आगामी विधानसभा चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल की सत्ता में आती है, तो वह गुंडों के राज को खत्म कर देगी। 

रक्षा मंत्री ने बीरभूम जिले के सैंथिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला।

उन्‍होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पास विकास कार्य करने के लिए काफी गुंजाइश थी। एक समय ऐसा भी था, जब पश्चिम बंगाल में निवेश करने के लिए निवेशक मौजूद थे, लेकिन आपने देखा है कि इन गुंडों ने राज्य में क्या किया। अगर भाजपा सत्ता में आती है तो वह राज्य से गुंडों के इस राज को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि कोई भी इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन के दौरान पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार किस कदर फैल चुका है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आम लोगों को अब यह तय करना होगा कि वे डर और आतंक का यह राज जारी रखना चाहते हैं या इससे राहत पाना चाहते हैं। अगर आप राज्य में भाजपा को सत्ता में लाते हैं, तो गुंडे या तो ऊपर चले जाएंगे या सलाखों के पीछे होंगे।

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केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं तृणमूल कांग्रेस को सबक सिखाएंगी, क्योंकि उसने लोकसभा में महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक को रोकने के लिए अन्य राजनीतिक दलों के साथ साजिश रची थी।

राजनाथ सिंह ने कहा किप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देना चाहते थे। भविष्य में ऐसा निश्चित रूप से होगा। तृणमूल, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और अन्य विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया। इसलिए इस चुनाव में पश्चिम बंगाल की महिलाएं तृणमूल कांग्रेस को सबक सिखाएंगी।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में विभिन्न चुनावी कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद उन्हें यह समझ आ गया है कि इस बार राज्य के लोग भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार चाहते हैं। हम पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे। पिछले 15 साल से पश्चिम बंगाल में हर जगह डर और आतंक का माहौल बनाया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बंगाल की जनता ने तृणमूल सरकार को 15 साल दिए हैं। विकास कार्य करने के लिए इतना समय काफी था। देश में ऐसे कई राज्य हैं जिन्होंने पिछले पांच से आठ साल में शानदार विकास कार्य किए हैं। पहले, देश की अर्थव्यवस्था में पश्चिम बंगाल की वित्तीय प्रणाली का योगदान 10 प्रतिशत था। अब यह घटकर 5 प्रतिशत से भी कम हो गया है। इसलिए पश्चिम बंगाल को तत्काल बदलाव की जरूरत है।

Pic Credit : ANI


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