जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद को एनआईए ने किया गिरफ्तार

Categorized as प्रादेशिक समाचार

जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को 30 साल पुराने मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया है। शब्बीर को मार्च में ही दो मामलों में जमानत मिली थी।

1996 में पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोप के मामले में एनआईए की श्रीनगर ब्रांच ने शब्बीर अहमद शाह को गिरफ्तार कर दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से 3 दिनों की ट्रांजिट रिमांड लेकर शब्बीर शाह को एनआईए जम्मू कश्मीर ले गई। शब्बीर शाह को मार्च में सुप्रीम कोर्ट और पटियाला हाउस कोर्ट ने अलग-अलग मामलों में जमानत दी थी। 39 साल तक हिरासत और नजरबंद रहने के बाद शब्बीर शाह को जमानत मिली थी।

सुप्रीम कोर्ट ने शब्बीर अहमद शाह को टेरर फंडिंग मामले में 12 मार्च को जमानत दी थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले शब्बीर शाह की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। अपनी याचिका में शब्बीर शाह की ओर से कहा गया कि उनकी उम्र अब 74 साल हो चुकी है, वे इस मामले में छह साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं और ट्रायल में कुल 400 गवाह हैं, जिनमें से अभी सिर्फ 15 की ही गवाही पूरी हुई है।

Also Read : आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

शाह पर आरोप लगाया था कि वे जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने की साजिश में शामिल थे और टेरर फंडिंग में उनका हाथ था। एनआईए ने मामले में कई चार्जशीट दाखिल की थीं, जिसमें शाह को बाद में शामिल किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एनआईए से खासकर 1990 के दशक की पुरानी स्पीच पर आधारित सबूतों को लेकर कई बार सवाल किए थे। कोर्ट ने पूछा था कि इतने पुराने बयानों पर अब कैसे भरोसा किया जा सकता है और छह साल से ज्यादा हिरासत का क्या ठोस आधार है?

वहीं, पटियाला हाउस कोर्ट ने 28 मार्च को शब्बीर अहमद शाह को धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में जमानत दी थी। शाह को वर्ष 2019 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। इसी आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शब्बीर के खिलाफ धनशोधन का केस दर्ज किया था। विशेष एनआईए जज प्रशांत शर्मा की कोर्ट ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के बॉन्ड पर जमानत मंजूर की थी।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

भाजपा के पास जवाब नहीं है

September 18, 2026

केंद्र सरकार ने यूपीआई के लेनदेन पर शुल्क लगाने का फैसला किया तो ऐसा लग रहा है कि भाजपा के अंदर भी लोगों को जानकारी नहीं थी। भाजपा के लोग भी समझ रहे थे या मान रहे थे कि जब सरकार कह रही है कि यह मुफ्त रहेगा तो मुफ्त ही रहेगा। तभी अचानक घोषणा…

अब डिजिटल पेमेंट के खिलाफ अभियान

September 18, 2026

भारत में सब कुछ अतिवादी अंदाज में होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2016 में नोटबंदी की और पांच सौ व एक हजार रुपए को नोट चलन से बाहर किए तब भाजपा और सरकार की ओर से संस्थागत रूप से नकदी को बुरा बताने का अभियान चला था। यह प्रचार होता था कि नकद…

एमडीआर पर जीएसटी भी लगेगा

September 18, 2026

एक तो वित्तीय मामलों की शब्दावली इतनी जटिल होती है कि कई बार जो होता है उसका उलटा कहा जाता है। जैसे यूपीआई के जरिए लेनदेन पर शुल्क लगाने वाले फैसले में यूपीआई की तरह ही बार बार एमडीआर शब्द का इस्तेमाल हो रहा है। इसका अर्थ है मर्चेंट डिस्काउंट रेट। सोचें, इसमें डिस्काउंट यानी…

केरल सरकार को क्यों नहीं समझाते राहुल

September 18, 2026

राहुल गांधी पूरे देश में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वंतत्रता की लड़ाई लड़ने की बीड़ा उठाए हुए हैं। वे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर लगातार हमले करते हैं कि वह मीडिया का गला घोंट रही है। पत्रकारों को अपना काम करने से रोक रही है। जब भी किसी पत्रकार के ऊपर कोई कार्रवाई होती…

उड़ानों को तरसते नए हवाई अड्डे

September 18, 2026

भारत को अधिक हवाई अड्डों की नहीं, काम करने वाले हवाई अड्डों की जरूरत है। खाली रनवे पर खर्च होते रहना विकास नहीं, बर्बादी है। जब रखरखाव का बिल ही कमाई से बड़ा हो जाए, तब नीति को गर्व नहीं, सुधार चाहिए। सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए, यदि यही हाल रहा तो अगले…

logo