कांग्रेस पार्टी पंजाब में वही गलती दोहरा रही है, जो उसने 2022 में की थी या 2025 में बिहार में की थी। ऐन चुनाव से पहले भाजपा पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग को बदल रही है। बताया जा रहा है कि वारिंग को इस बात की जानकारी दे दी गई है। यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने नया प्रदेश अध्यक्ष तय कर लिया है, जिसके नाम की घोषणा बहुत जल्दी हो जाएगी। इंदरजीत सिंगला के नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है। लेकिन साथ ही सुखजिंदर सिंह रंधावा, अमर सिंह, गुरजीत सिंह औजला आदि के नाम की भी चर्चा है। पहले चरणजीत सिंह चन्नी के नाम की भी चर्चा थी।
गौरतलब है कि 2022 के चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने कैप्टेन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाया था और चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम बनाया था। इतना ही नहीं सीएम के साथ साथ उनको अगले चुनाव के लिए सीएम फेस के तौर पर भी पेश किया गया था। वे दो सीटों से चुनाव लड़े और दोनों से हार गए। कांग्रेस बुरी तरह से हारी। अब फिर जाट सिख को हटा कर किसी दलित या अन्य हिंदू को बनाना वैसी ही गलती होगी, जैसी 2022 में हुई थी। इस साल अप्रैल के चुनाव में केरल सीपीएम ने हिंदू वोट लुभाने की कोशिश और इस चक्कर में मुस्लिम व ईसाई वोट गंवा बैठी। हिंदू व्यापक रूप से भाजपा के साथ गए। ऐसे ही पंजाब में हिंदू लोकसभा चुनाव में भाजपा के साथ गए थे। इस बार भी जाएंगे। कुछ आम आदमी पार्टी के साथ भी जाएंगे। वैसे वारिंग चार साल से अध्यक्ष हैं। चुनाव से ठीक पहले उनको बदलना नुकसान का फैसला हो सकता है।
