भाजपा को पुराने नेताओं की परवाह नहीं

Categorized as राजनीति

भारतीय जनता पार्टी में पुराने नेताओं को ठिकाने लगाने का अभियान पिछले कई बरसों से चल रहा है। लेकिन अब अंतर यह आ गया है कि भाजपा उनकी नाराजगी की परवाह किए बगैर निपटा रही है। पहले मुख्यधारा से हटा कर कहीं दूसरी जगह एडजस्ट किया जाता था और फिर चुपचाप किनारे कर दिया जाता था। ऐसे कितने ही नेता हैं, जो थोड़े समय पहले तक राष्ट्रीय क्षितिज पर चमक रहे थे लेकिन आज खोजने से नहीं मिलेंगे। जैसे पिछले दिनों किसी ने पूछा कि अनिल जैन कहां हैं? लोगों को पता नहीं है। कुछ समय पहले वे पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री थे और राज्यसभा सांसद थे। ऐसे लोगों की लंबी सूची है। भाजपा के नए नेतृत्व ने पुराने नेताओं को किनारे करने से पहले उन्हें कहीं न कहीं जगह दी। हाल के दिनों तक ऐसा ही हुआ। मध्य प्रदेश के पिछले चुनाव में कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटे की सीट पर चुनाव लड़ाए गए और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को भी विधानसभा का चुनाव लड़ाया गया। जीतने पर वे विधानसभा के स्पीकर बने।

इसी रास्ते छत्तीसगढ़ में रमन सिंह किनारे लगे। उनको भी स्पीकर बना दिया गया है। बिहार में प्रेम कुमार भी स्पीकर बनाए गए और नंद किशोर यादव को राज्यपाल बनाया गया। दिल्ली में विजेंद्र गुप्ता भी स्पीकर बनाए गए और उससे पहले जगदीश मुखी को राज्यपाल बनाया गया था। हरियाणा में रामविलास शर्मा से लेकर कैप्टेन अभिमन्यु तक सब मुख्यधारा की राजनीति से गायब हैं। हिमाचल प्रदेश में प्रेम कुमार धूमल, उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत से लेकर रमेश पोखरियाल निशंक तक ज्यादातर नेता निपट चुके हैं। हालांकि अब भी कुछ नेता जैसे वसुंधरा राजे या शिवराज सिंह चौहान आदि प्रासंगिक बने हुए हैं। लेकिन पता नहीं है कि अगला चुनाव आते आते उनकी क्या स्थिति रहती है। उमा भारती भी किसी तरह से प्रासंगिक होने के लिए संघर्ष कर रही हैं। जहां भी भाजपा जीती है या बहुत मजबूत हुई है वहां पुराने नेता मुख्यधारा से हटा दिए गए हैं।

अब हटाने का जो तरीका पार्टी ने अपनाया है वह पहले से अलग दिख रहा है। नरोत्तम मिश्रा पर यह तरीका आजमाया गया है। मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और पिछले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे नरोत्तम मिश्रा को अपनी पारंपरिक दतिया सीट से उपचुनाव में टिकट नहीं मिली है। उनके समर्थकों ने हंगामा करके इसका विरोध किया। टिकट को लेकर भाजपा में भी पहले थोड़े बहुत विवाद होते थे लेकिन यह पहला मौका है, जब इतने बड़े पैमाने पर विरोध हुआ। जिला अध्यक्ष सहित पूरी कमेटी ने इस्तीफा दिया। समर्थकों ने 11 घंटे तक हाईवे जाम किए। झड़प में एसपी सहित कई बड़े अधिकारी घायल हुए। हालांकि फिर नरोत्तम मिश्रा सरेंडर हो गए और कहा कि पार्टी की पसंद उनकी पसंद है। लेकिन उन्होंने एक रास्ता दिखाया है। अगर उपचुनाव भी कांग्रेस जीत जाती है तो मिश्रा की हैसियत बनेगी और तब दूसरे नेताओं का हौसला बढ़ेगा और जो जिस स्तर का नेता है वह उस स्तर पर अपने क्षेत्र में बादशाहत का दावा करेगा। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व को अपना दबदबा बनाए रखने के लिए हर हाल में यह सीट जीतनी होगी। कांग्रेस के जीतने से उसकी राजनीति पर कोई असर नहीं होगा। अब यह चुनाव कांग्रेस के नजरिए से नहीं, बल्कि सिर्फ भाजपा के नजरिए से देखा जाएगा। हार और जीत दोनों का संदेश बहुत बड़ा होगा। अगर भाजपा जीती तो पार्टी में पुराने नेताओं की छंटाई और सफाई का काम बहुत बड़े पैमाने पर होगा।


Previous News Next News

More News

नकली दवाओं पर लगाम के लिए उच्चतम न्यायालय में जनहित याचिका

September 16, 2026

देश में नकली और मिलावटी दवाओं के निर्माण तथा बिक्री पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर करके एक एकीकृत राष्ट्रीय ढांचे को बनाने, मामलों की समयबद्ध जांच व तेजी से सुनवाई, जब्त दवाओं की अनिवार्य फॉरेंसिक जांच और नकली दवा सिंडिकेट के खिलाफ प्रवर्तन एजेंसियों की…

ओडिशा में 3,406 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर परियोजना को मंजूरी

September 16, 2026

ओडिशा में उभरते सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देते हुए यूनिट अप्रूवल कमेटी (यूएसी) ने खोरधा जिले के आईडीसीओ इन्फोवैली-2 में सिलिकॉन कार्बाइड (एसआईसी) सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए सिक्सेम प्राइवेट लिमिटेड के 3,406.25 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यूएसी की 217वीं बैठक में स्वीकृत यह परियोजना जटनी तहसील…

तमिलनाडु उपचुनाव में दोनों सीटों पर नामांकन प्रक्रिया पूरी

September 16, 2026

तमिलनाडु विधानसभा की मदुरंतकम और धारापुरम (असुरक्षित) सीटों पर आगामी 06 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का कार्य बुधवार दोपहर 3 बजे संपन्न हो गया। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के बागी विधायकों के इस्तीफे के बाद खाली हुई इन दोनों सीटों पर नामांकन के अंतिम दिन…

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को खारिज किया

September 16, 2026

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ पेश महाभियोग प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। प्रस्ताव के विरोध में 232 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 147 ने इसका समर्थन किया और 47 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। Also Read : ईरान ने विदेशी मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल पर लगा औपचारिक प्रतिबंध हटाया…

ईरान ने विदेशी मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल पर लगा औपचारिक प्रतिबंध हटाया

September 16, 2026

ईरान ने सरकारी एजेंसियों द्वारा विदेशी मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल पर लगा औपचारिक प्रतिबंध हटा दिया है। ईरानी सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहाजेरानी ने यह जानकारी दी। श्री मोहाजेरानी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कुछ दिन पहले अपनाए गए एक प्रस्ताव में जिन मुद्दों पर बात की गई थी, उनमें से एक सरकारी…

logo