सीएसडीएस की फंडिंग बंद होगी!

Categorized as राजनीति

भारत में सामाजिक व राजनीतिक अध्ययन के सबसे अच्छे संस्थानों में से एक सेंटर फॉर स्टडीज ऑफ डेवलपिंग सोसायटीज यानी सीएसडीएस है। लोक नीति इसी संस्था का एक हिस्सा है, जिसके द्वारा राजनीतिक और चुनावी विश्लेषण किया जाता है। सर्वे और डाटा विश्लेषण का काम भी होता है। इस संस्थान के चेहरे के तौर पर संजय कुमार को लोग पहचानते हैं। वे देश के सबसे सम्मानित चुनाव विश्लेषकों में से एक हैं। पहले योगेंद्र यादव, शिव विश्वनाथ, धीरूभाई सेठ, आशीष नंदी, राजीव भार्गव जैसे लोग इस संस्थान से जुड़े रहे हैं। अब खबर है कि सीएसडीएस को मिलने वाली सरकारी फंडिंग बंद हो सकती है। अगर ऐसा होता है कि यह संस्थान बंद हो जाएगा।

असल में सीएसडीएस की फंडिंग का बड़ा हिस्सा शिक्षा मंत्रालय से जुड़े इंडियन कौंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च यानी आईसीएसएसआर से आता है। करीब 83 फीसदी फंडिंग उसके द्वारा होती है। कहा जा रहा है कि कुछ समय पहले संजय कुमार ने महाराष्ट्र के चुनावी आंकड़ों को लेकर एक दावा किया था। उन्होंने दावा किया था कि कुछ चुनाव क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है तो कुछ में वैसी ही गिरावट आई है। हालांकि तुरंत ही उनको अपनी गड़बड़ी का पता चल गया और उन्होंने अपना आंकड़ा ठीक करते हुए माफी मांगी। उन्होंने बताया कि ग्राफिक्स टेबल में एक साल ऊपर नीचे होने की वजह से यह गड़बड़ी हुई। लेकिन माना जा रहा है कि वह माफी काम नहीं आई है। सरकार सीएसडीएस की फंडिंग रोकने की तैयारी में है। अगर ऐसा हुआ तो वेतन देने तक का संकट होगा। ध्यान रहे इससे पहले सीएसडीएस जैसी ही समाज विज्ञान व राजनीति की अध्ययन संस्था सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च यानी सीपीआर का विदेशी चंदे की मंजूरी यानी एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया गया, जिसकी वजह से वह संस्था भी दम तोड़ रही है।


Previous News Next News

More News

किसान सम्मान के नाम से ई-20 पेट्रोल बिकेगा

July 30, 2026

भारतीय जनता पार्टी और उसकी केंद्र सरकार के बारे में एक बात माननी होगी। दोनों अपने किसी फैसले को जस्टिफाई करने के लिए कोई भी तर्क खोज सकते हैं। जरूरी नहीं है कि फैसले को जस्टिफाई करने के लिए प्राइमरी तर्क पर ही अड़े रहे हैं। आमतौर पर कोई भी व्यक्ति या सरकार अपने फैसले…

ओवैसी का बिहार वाला दांव यूपी में भी

July 30, 2026

एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में एक दांव चला था। उन्होंने पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू प्रसाद और कांग्रेस के सामने प्रस्ताव रखा था कि उनकी पार्टी को गठबंधन में शामिल किया जाए। बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान गाजे बाजे के साथ लालू प्रसाद के निवास के बाहर पहुंच…

जस्टिस यशवंत वर्मा की क्या स्थिति है?

July 30, 2026

यह लाख टके का सवाल है कि दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजे गए जस्टिस यशवंत वर्मा की क्या स्थिति है? साथ यह भी सवाल है कि उनके खिलाफ लंबित महाभियोग के मामले की क्या स्थिति है? संसद के सत्र आ रहे हैं और जा रहे हैं। दुनिया भर की दूसरी बातों की…

केरल हारने का कारण खोज लिया सीपीएम ने

July 30, 2026

केरल में लगातार 10 साल राज करने के बाद सीपीएम के नेतृत्व वाला गठबंधन एलडीएफ इस साल मई के चुनाव में हार गया था। उसके बाद से पार्टी में इस बात को लेकर मंथन चल रहा था कि सब कुछ ठीक था तो पार्टी क्यों हारी? इसके लिए पार्टी के बड़े नेताओं के बीच मंथन…

नीलेकणी क्या नीट खत्म करने की सिफारिश करेंगे?

July 30, 2026

इंफोसिस के सह संस्थापक और भारत में आधार क्रांति के सूत्रधार नंदन नीलेकणी के ऊपर केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के सुझाव देने का जिम्मा सौंपा है। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के पूर्व प्रमुख एस सोमनाथ को भी इस उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी का सदस्य बनाया गया है। पता नहीं लोगों को याद…

logo