रेवंत रेड्डी को मोदी का प्रस्ताव

Categorized as राजनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद की सभा में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को अपने साथ आने का प्रस्ताव दिया। यह प्रस्ताव मजाक में दिया गया था लेकिन क्या अनायास था? प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संदर्भ के साथ यह बात कही लेकिन उनका कहना अनायास नहीं था। उन्होंने राज्य की भलाई के लिए रेवंत रेड्डी को अपने साथ आने की बात कही लेकिन ऐसा लग रहा है कि रेवंत रेड्डी का भला भी इसमें है कि वे भाजपा के साथ जुड़ जाएं। हालांकि अभी तो वे मुख्यमंत्री हैं और उनको सत्ता संभाले हुए ढाई साल ही हुए हैं। इसलिए वे कहीं नहीं जाएंगे। लेकिन उनके साथ दो बातें ऐसी हैं, जो संदेह पैदा करती हैं। पहली तो यह कि सोनिया व राहुल गांधी के प्रति बहुत ज्यादा स्वामीभक्ति दिखाते हैं। उन्होंने कहा था कि अगर गांधी परिवार कहे तो वे एक हजार करोड़ रुपए भी जुटा कर दे सकते हैं। ऐसी स्वामीभक्ति की बातें करने वालों को हमेशा संदेह होता है।

दूसरी बात यह है कि रेवंत रेड्डी काफी समय के राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से ही कांग्रेस में गए हैं। सोचें, शुभेंदु अधिकारी बाल स्वंयसेवक संघ थे। यानी बालिग होने से पहले कभी किसी के साथ संघ की शाखा में गए थे। उसके बाद उन्होंने राजनीति कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के साथ ही की लेकिन आखिरकार भाजपा में गए और वहां जाकर ऐसे रमे कि क्या कोई पुराना स्वंयसेवक रमेगा। कहा गया कि एक बार जब संघ के संस्कार आ गए तो फिर वो जाते नहीं हैं। सो, रेवंत रेड्डी पर नजर रखने की जरुरत है। वे स्वंयसेवक रहे हैं और हजारों करोड़ रुपए जुटा देने की बात करते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी और उनके पिता भी संघ और भाजपा से जुड़े रहे थे। तभी जब वे भाजपा में गए तो एकदम घुलमिल गए।


Previous News Next News

More News

जंतर मंतर बेअसर नहीं रहा है

September 21, 2026

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ यानी डूसू के चुनाव में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के बुरी तरह से हारने और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के चार में से तीन सीटों पर जीत जाने के बाद ऐसी व्याख्या की जा रही है, जैसे जंतर मंतर पर हुआ छात्रों का आंदोलन…

जाटों ने दिखाया कि कैसे राजनीति होती है

September 21, 2026

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ यानी डूसू के चुनाव में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर जाट जीते हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के यश डबास अध्यक्ष तो निर्दलीय दीपांशु शौकीन उपाध्यक्ष बने हैं। आमतौर पर विधानसभा और लोकसभा चुनाव में जाति का गणित ज्यादा देखा जाता है। लेकिन दिल्ली छात्र संघ के चुनाव में जाति…

बालेन और तारिक कब आएंगे भारत?

September 21, 2026

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान अभी तक भारत नहीं आए हैं। तारिक रहमान तो भारत आने से पहले चीन की यात्रा कर आए हैं, जबकि यह अघोषित नियम था कि इन दोनों देशों के प्रधानमंत्री शपथ लेने के बाद सबसे पहले भारत की यात्रा करते हैं। य़ह परंपरा पहले…

आईएफएस लॉबी पर खेल बिगाड़ने का आरोप

September 21, 2026

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान भारत की यात्रा टाल रहे हैं। इससे पहले वे चीन की यात्रा पर चले गए। कहा जा रहा है कि इसके पीछे उनके भारत यात्रा टालने के पीछे कुछ हाथ भारत की अंदरूनी राजनीति का भी है। जानकार सूत्रों का कहना है कि विदेश सेवा के अधिकारियों यानी आईएफएस अधिकारियों…

व्यवस्था को चुभने वाले अधिकारी

September 21, 2026

मुंढे मई 2026 में एफडीए आयुक्त बने। कुछ ही महीनों में विभाग ने हजारों निरीक्षण किए, सैकड़ों लाइसेंस निलंबित किए, करोड़ों रुपये का मिलावटी या असुरक्षित माल जब्त किया और गुटखा-पान मसाला के अवैध कारोबार पर कठोर कार्रवाई की। बड़े ब्रांड, पुराने होटल, क्विक-कॉमर्स गोदाम, यहाँ तक कि मुंबई हाईकोर्ट की कैंटीन भी इस दायरे…

logo