अमेरिका-बांग्लादेश समझौता भारत के लिए चिंताजनक

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वैसे तो दुनिया का कोई भी देश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर यकीन नहीं कर रहा है। लेकिन भारत की तरह दूसरा कोई देश ट्रंप के साथ डील का डंका भी नहीं बजा रहा है। तभी भारत को लेकर ज्यादा चिंता है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारत कैसे ट्रंप पर यकीन करे। बांग्लादेश के ताजा घटनाक्रम के बाद तो संदेह और ब़ढ़ गया है। यह समझौता भारत के लिए कई कारणों से चिंताजनक है। एक तो पहले ही चुनाव को लेकर अमेरिका के रवैए से भारत की चिंता बढ़ी है। खबर है कि अमेरिका बांग्लादेश में जमात की मदद कर रहा है। जमात ए इस्लामी और सिटिजंस पार्टी के गठबंधन का जीतना भारत के लिए बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए बहुत खराब हो सकता है।

उसके साथ ही व्यापार संधि को लेकर भी अब संदेह पैदा हो गए हैं। ट्रंप ने भारत के उत्पादों पर लगने वाला टैरिफ 18 फीसदी किया तो भारत में बड़ा जश्न मनाया गया कि बांग्लादेश पर 20 फीसदी टैरिफ है, जिसका फायदा भारत की कपड़ा कंपनियों को मिलेगा। इसी वजह के कपड़ा कंपनियों के शेयरों में उछाल आया। लेकिन अब अमेरिका ने बांग्लादेश से व्यापार संधि कर ली है, जिसमें उसका औसत टैरिफ घटा कर 19 फीसदी कर दिया है और कपड़े पर जीरो टैरिफ कर दिया है। इसके लिए बांग्लादेश को अमेरिका से कॉटन व मैन मेड फैब्रिक्स खरीदना होगा और बदले में अमेरिका जीरो टैरिफ पर एक निश्चित मात्रा में बांग्लादेश का कपड़ा खरीदेगा। भारत को इसका दोहरा नुकसान होगा। पहला तो यह कि भारतीय कपड़ा और सिले हुए वस्त्रों के मुताबिक बांग्लादेश के कपड़े पर बहुत कम टैरिफ होगा और दूसरे अब बांग्लादेश भारत से कपास भी खऱीदना बंद करेगा या कम करेगा। समझौते के तहत वह ये चीजें अमेरिका से खरीदेगा।


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