पीएम केयर्स फंड पर सवाल नहीं पूछना है

Categorized as राजनीति

संसद में पिछले एक दशक से लोकतंत्र का स्पेस लगातार सिकुड़ता जा रहा है। सरकार ने लोकसभा में उपाध्यक्ष चुनने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। पिछली लोकसभा में पांच साल उपाध्यक्ष नहीं रहा और इस लोकसभी के भी दो साल होने जा रहे हैं। संसदीय समितियों का कामकाज सीमित कर दिया गया है। प्रवर समिति और संयुक्त संसदीय समिति भी अपवाद के लिए भी बनती हैं। दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों पर लगातार विपक्ष की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि वे विपक्ष की बात नहीं सुनते हैं। जिन मुद्दों पर बोलने से विपक्ष को रोका जाता है उन्हीं मुद्दों पर सत्तापक्ष के सांसदों को बोलने दिया जाता है। तभी पिछले साल विपक्ष ने राज्यसभा में सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की थी तो इस साल बजट सत्र में लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चा है।

इस बीच खबर है कि लोकसभा में प्रश्नकाल में कुछ और विषयों को प्रश्न पूछने के दायरे से बाहर कर दिया गया है। केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा सचिवालय को कहा गया है कि वह सांसदों की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े राहत फंडों के बारे में सवाल स्वीकार न करे। कहा गया है कि कोरोना के समय बने पीएम केयर्स फंड के बारे में सवाल नहीं लिए जाएं। इतना ही नहीं यह भी कहा गया है कि पीएम नेशनल रिलीफ फंड से जुड़ा सवाल भी स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से लोकसभा सचिवालय को यह भी कहा गया है कि नेशनल डिफेंस फंड से जुड़े सवाल भी स्वीकार नहीं किए जाएं। इसके लिए लोकसभा के कामकाज के नियमों में बदलाव करने को कहा गया है ताकि इन विषयों पर सांसदों के सवालों को नहीं स्वीकार किया जाए। बताया जा रहा है कि 30 जनवरी को पीएमओ की ओर से नियमों के हवाले लोकसभा सचिवालय को यह बात कही गई है। ध्यान रहे पहले भी कई विषयों को सवालों के दायरे से बाहर कर दिया गया है और कई बार विपक्षी और सत्तापक्ष के सांसदों ने भी हैरानी जताई है कि उनके सवाल को अचानक सूची से बाहर कर दिया गया।


Previous News Next News

More News

सत्रावसान में देरी का एक रिकॉर्ड तो टूटा

September 29, 2026

संसद का मानसून सत्र समाप्त हुए डेढ़ महीने से ज्यादा हो गए। सत्र 13 अगस्त को स्थगित हुआ था। लेकिन अभी तक सत्रावसान नहीं किया गया है। संसद स्थघित हुए 47 दिन हो गए हैं। आमतौर पर अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित होने के एक हफ्ते में सत्रावसान कर दिया जाता है। उसके बाद जब…

सीपीएम का अपना एजेंडा है

September 29, 2026

देश की सबसे बड़ी कम्युनिस्ट पार्टी सीपीएम के महासचिव एमए बेबी ने विपक्षी गठबंधन की बैठक बुलाने की पहल की। इस पहल पर ममता बनर्जी ने सबसे पहले जवाब दिया और उन्होंने बेबी से फोन पर बात की। कांग्रेस ने भी इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और उसके बाद 30 सितंबर की बैठक तय हुई।…

सपा-कांग्रेस की मुस्लिम वोट की खींचतान

September 29, 2026

वैसे उत्तर प्रदेश के मुसलमानो के मन में कोई भ्रम नहीं है। वे अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के साथ हैं क्योंकि उनको लग रहा है कि सपा ही इस बार भाजपा से लड़ने वाली मुख्य ताकत है। पिछले लोकसभा चुनाव मे उन्होंने देखा कि भाजपा के समर्थक मतदाताओं में भी अगर भाजपा से नाराजगी…

यूपीएससी के सवाल क्या एआई बना रहा है?

September 29, 2026

यह बहुत परेशान करने वाला सवाल है क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी एकमात्र ऐसी संस्था है, जिस पर प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थी आज भी आंख मूंद कर भरोसा करते हैं। इसका भरोसा इतना गहरा है कि सुप्रीम कोर्ट ने दो बार अपनी सुनवाई में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए और…

साहब अच्छे एक्टर नहीं!

September 29, 2026

कारण जो हो, साहब का विदेशियों के प्रति प्रेमिल झुकाव, और देसियों के प्रति रूखा बर्ताव बेढब है। फिर, बार-बार सीमित अंदाज, ऊँचे, हवाई दावे, वैज्ञानिकों विशेषज्ञों जैसे ऑडियेंस में भी घिसे-पिटे मुहावरे, उपदेश, आदि उन की समझ का भी सीमित दायरा दिखाता है। ऊँचे पद से वह थोड़ा ढँका जरूर रहा, पर छिपा नहीं…

logo