भारत में हर हादसा साजिश है!

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हो सकता है कि दुनिया के और भी देशों में होता हो लेकिन भारत जैसा नहीं होता होगा। भारत में हर हादसे को साजिश माना जाता है। लोग अपने आप साजिश के पहलू खोज लेते हैं। उस साजिश के कारण खोज लेते हैं और साजिश के लाभार्थी का भी पता लगा लेते हैं। हालांकि यह पूरी तरह से कल्पना पर आधारित होता है और तमाम किस्म की जांच के बावजूद कुछ भी साबित नहीं होता है फिर भी साजिश की कहानियां थमती नहीं हैं। ताजा मामला विमान हादसे में अजित पवार के निधन का है। विमान हादसे के तुरंत बाद इसे साजिश बताया जाने लगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसके पीछे साजिश की संभावना जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी एजेंसी की कोई विश्वसनीयता नहीं है इसलिए सर्वोच्च अदालत की निगरानी में जांच हो। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए।

विमान हादसा हुआ है तो उसकी जांच होगी ही लेकिन जांच इस बात की होगी कि हादसा कैसे हुआ। खराब मौसम के कारण हुआ, पायलट की गलती के कारण हुआ या विमान की तकनीकी खराबी के कारण हुआ, इन पहलुओं की जांच होगी। लेकिन विपक्षी पार्टियां चाहती हैं कि जांच साजिश की हो। आम सोगों और पत्रकारों के बीच भी इस बात की चर्चा बुधवार को दिन भर चली कि इसके पीछे साजिश हो सकती है। सवाल है कि साजिश कौन करेगा और इसके क्या फायदा होगा। इसका जवाब सबके पास अलग अलग था। ज्यादातर लोगों का कहना था कि अजित पवार पाला बदल कर यानी भाजपा का साथ छोड़ कर अपने चाचा के साथ महाविकास अघाड़ी में लौटने वाले थे। यह भी कहा गया कि उन्होंने नगर निकाय चुनावों के दौरान भाजपा को निशाना बनाते हुए कहा था कि जिन लोगों ने उनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए वे लोग आज उनके साथ गठबंधन में हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके पास नगर निकायों में भाजपा के भ्रष्टाचार का पुलिंदा है। परिवार की साजिश की ओर भी कई लोग इशार करते मिले। हालांकि हादसे के बाद पहली प्रतिक्रिया में शरद पवार ने दो टूक कहा कि यह साजिश नहीं, हादसा है।

बहरहाल, यह पहला मौका नहीं है, जब इस तरह के हादसे के पीछे साजिश की कहानी बताई जा रही है। आजाद भारत में हवाई दुर्घटना में पहली हाइ प्रोफाइल मौत भारत के परमाणु वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा की हुई थी। उस समय भी कहा गया था कि अमेरिकी एजेंसी सीआईए ने लाजिश करके होमी जहांगीर भाभा को मरवा दिया। उसके बाद संजय गांधी की विमान हादसे में मौत हुई तो उसे लेकर आज कर कांग्रेस विरोधी लोग आरोप लगाते हैं कि इंदिरा गांधी ने ही अपने बेटे को मरवाने की साजिश रची थी। तब से लेकर आज तक चाहे हर हादसे या हत्या को साजिश हताया जाता है। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या को भी राजनीतिक साजिश का नतीजा बताया जाता है तो माधव राव सिंधिया से लेकर वाईएसआर रेड्डी और दोरजी खांडू से लेकर विजय रूपाणी तक हर विमान या हेलीकॉप्टर हादसे को साजिश बताया जाता है। हालांकि किसी भी जांच से आज तक किसी साजिश का पर्दाफाश नहीं हुआ है। लेकिन देश के लोगों को साजिश थ्योरी इतनी पसंद है कि वे इसे छोड़ते भी नहीं हैं और लोगों की पसंद को देखते हुए मीडिया वाले या राजनीतिक लोग भी हर हादसे में यह पहलू जरूर शामिल करते हैं।


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