अखिलेश यादव इमेज बदलने में लगे हैं

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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपनी पार्टी की इमेज को एक बार फिर नया रूप देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले भी पार्टी को नया रूप देने के लिए कई कदम उठाए थे। हालांकि उस समय पार्टी के केंद्र में मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव थे इसलिए अखिलेश की पहल पर चर्चा नहीं हुई। लेकिन युवाओं को जोड़ने के लिए उन्होंने समाजवादी पार्टी के अंग्रेजी विरोध और कंप्यूटर विरोध को खत्म कराया था। उस चुनाव में सपा को अकेले बहुमत मिला था और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने थे। अब एक बार फिर वे पार्टी की इमेज बदलने में लगे हैं।

इसके तहत वे विजन इंडिया का आयोजन कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में विजन इंडिया का आयोजन किया, जिसमें न्यू एज टेक्नोलॉजी से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। इससे पहले विजन इंडिया का आयोजन उन्होंने बेंगलुरू में किया था। यह भी कहा जा रहा है कि वे तेलंगाना के चंद्रशेखर राव की तरह अपनी पार्टी को अखिल भारतीय शक्ल देने का प्रयास कर रहे हैं। इस बीच अखिलेश यादव ने उत्तराखंड में पार्टी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। उन्होंने पार्टी के पुराने कार्यकर्ता शुभम गिरी को यह जिम्मेदारी दी है। उत्तर प्रदेश में चल रह ब्राह्मण बनाम ठाकुर के विवाद के बीच उत्तराखंड में ब्राह्मण अध्यक्ष की नियुक्ति के खास मतलब है। गौरतलब है कि अखिलेश यादव प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुए अपमानजनक व्यवहार और उनके अनशन के मामले में लगातार उनका समर्थन कर रहे हैं। यह दिलचस्प है कि अखिलेश और मायावती दोनों ब्राह्मणों को सम्मान दिलाने की बात कर रहे हैं।


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