दो राज्यों में ईडी बनाम पुलिस

Categorized as राजनीति

हाल के दिनों की दो घटनाएं और उन पर दो अदालतों का निर्देश यह संकेत देता है कि केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी पवित्र गाय है। वह जो करे उसे वह करने की इजाजत है लेकिन अगर कोई उसके खिलाफ कुछ करेगा तो उसकी खैर नहीं है। एक मामला पश्चिम बंगाल है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है और दूसरा मामला झारखंड का है, जिसमें हाई कोर्ट ने आदेश दिया है। असल में झारखंड में ईडी की टीम ने राज्य सरकार के एक कर्मचारी को पूछताछ के लिए बुलाया। बाद में कर्मचारी ने ईडी के ऊपर मारपीट करने का आरोप लगाया, जिसे लेकर राज्य की पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। वह व्यक्ति सचमुच घायल हुआ था। लेकिन ईडी का कहना है कि उसने खुद अपने को घायल किया था।

सवाल है कि पुलिस जांच करेगी तभी तो पता चलेगा कि उस व्यक्ति ने खुद को घायल किया या ईडी के लोगों ने उसे घायल किया लेकिन ईडी के वकील हाई कोर्ट पहुंचे और हाई कोर्ट ने एफआईआर पर रोक लगा दी और झारखंड पुलिस को फटकार भी लगाई। ऐसे ही कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के चुनाव प्रबंधक के कार्यालय पर ईडी की छापेमारी के दौरान हुए घटनाक्रम का मामला है। उस मामले में राज्य की पुलिस ने ईडी के अधिकारियों, कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज किया है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस एफआईआर पर भी रोक लगा दी है। पहले भी इस तरह के मामले जब भी आए हैं तब अदालतों ने ईडी को दूसरी एजेंसियों के ऊपर प्राथमिकता दी है। हालांकि ईडी को लेकर कई बार अदालतों ने सख्त रुख दिखाया है और उसके कामकाज पर सवाल उठाए हैं लेकिन दूसरी एजेंसियों के साथ विवाद की स्थिति में हमेशा ईडी को प्राथमिकता मिली है।


Previous News Next News

More News

पीएम की कथनी और पार्टी की करनी

August 2, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर नौ दिन में पांचवा वीडियो अपलोड किया है। पहले चार वीडियो को 90 करोड़ व्यूज मिले थे। ऐसा दिखाया जा रहा है कि ये वीडियो प्रधानमंत्री अपने मोबाइल से बना कर डाल रहे हैं। इसका मकसद ‘जेन जी’ यानी 14 से 29 साल की उम्र के…

चढ़ावा चोरी का नाटक फायदा करेगा या नुकसान

August 2, 2026

संसद के मानसून सत्र में दो स्तर पर राजनीतिक लड़ाई चल रही है। एक लड़ाई केंद्र सरकार और एनडीए बनाम विपक्ष की है। दूसरी लड़ाई विपक्ष के अंदर है। विपक्ष की पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ स्कोर करने की संभावना तलाश रही हैं। तभी राहुल गांधी ने जब पेपर लीक को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया…

जंतर मंतर के बाद क्या झारखंड की बारी

August 2, 2026

दिल्ली में जंतर मंतर पर धरने और प्रदर्शन के बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि अब किसकी बारी होगी। पहले ऐसा लग रहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी के नेता बिहार जाएंगे क्योंकि अभिजीत दिपके ने कह दिया था कि वे दो दिन में बिहार पहुंचेंगे। कुछ लोग मांग कर रहे थे कि…

उपेंद्र कुशवाहा का ध्यान रखने की मजबूरी

August 2, 2026

सोचें, भारतीय जनता पार्टी ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया है। वे कुशवाहा समाज के सबसे बड़े नेता हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद किसी भी पार्टी के कुशवाहा नेता का कोई भविष्य नहीं बचा। राजद के संसदीय दल के नेता अभय कुशवाहा ने जाकर सम्राट चौधरी को गुलदस्ता दिया। इसके बावजूद भाजपा को उपेंद्र…

हिंदुओं को आखिर करना क्या है?

August 2, 2026

यह कंफ्यूजन इस बात से पैदा हुआ है कि दिल्ली में राज्य सरकार ने महिला सम्मान निधि के नाम पर महिलाओं को ढाई हजार रुपए देने की जो लक्ष्मी योजना शुरू की है उसमें एक प्रावधान किया गया है कि जिन महिलाओं के तीन या उससे ज्यादा बच्चे हैं उनको इस योजना का लाभ नहीं…

logo