इस बार कम चरण में होंगे चुनाव

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पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया इस बार अप्रैल में ही समाप्त हो जाएगी। पिछली बार यानी 2021 में चुनाव प्रक्रिया दो मई को समाप्त हुई थी। दो मई को वोटों की गिनती हुई थी। उस समय भाजपा के लिए प्रचार करते हुए नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में नारा दिया था, ‘दो मई दीदी गई’। इसी तरह का नारा पिछले साल लोकसभा चुनाव में दिया गया था। चार जून को वोटों की गिनती थी और भाजपा के नेता नारा लगाते थे कि ‘चार जून चार सौ पार’। बहरहाल, इस बार पांच राज्यों के चुनाव की प्रक्रिया मई तक नहीं जाएगी। इसका संकेत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों से मिल रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में तीन दिन के प्रवास के दौरान अपने कार्यक्रमों में कहा कि अप्रैल में पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बन जाएगी। इसके बाद वे तमिलनाडु में चुनाव से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेने गए तो वहां भी उन्होंने दावा किया कि अप्रैल में एनडीए की सरकार बन जाएगी। जाहिर है देश के गृह मंत्री बिना सोचे समझे अप्रैल की डेडलाइन नहीं दे रहे हैं।

गौरतलब है कि 2021 में चुनाव की प्रक्रिया मार्च के पहले हफ्ते में ही शुरू हो गई थी लेकिन अप्रैल के अंत तक मतदान हुआ और दो मई को वोटों की गिनती हुई थी। तब इस बात के लिए चुनाव आयोग की बड़ी आलोचना भी हुई थी कि कोरोना की महामारी के सबसे खतरनाक दूसरी लहर में उसने आठ चरण में पश्चिम बंगाल में चुनाव कराया था। हालांकि बाद में चुनाव प्रचार पर रोक लगाई गई लेकिन तमाम अपील के बावजूद चुनाव आयोग ने मतदान के चरण कम नहीं किए। असल में उस समय भाजपा को पूरी उम्मीद लग रही थी कि वह जीत रही है। उससे दो साल पहले लोकसभा चुनाव में उसे 40 फीसदी वोट और 18 सीटें मिली थीं। इससे वह अति उत्साहित थी और लगातार प्रधानमंत्री मोदी की सभाएं हो रही थीं। विपक्ष का आरोप था कि भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में इतना लंबा चुनाव कराया।

पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 27 मार्च से लेकर 29 अप्रैल के बीच आठ चरण में मतदान हुआ। उधर तमिलनाडु की 234 सीटों पर एक चरण में छह अप्रैल को मतदान हुआ था। उसके बाद राज्य के लोगों को नतीजों के लिए दो मई तक इंतजार करना पड़ा था। केरल की सभी 140 सीटों पर भी छह अप्रैल को ही वोटिंग हुई थी। असम की 126 सीटों में तीन चरण में मतदान हुआ था। 27 मार्च के बाद एक और छह अप्रैल को मतदान हुआ और वोटों की गिनती दो मई को हुई। इस बार ऐसा लग रहा है कि मतदान की प्रक्रिया अप्रैल में खत्म हो जाएगी। जानकार सूत्रों का कहना है कि मार्च के पहले हफ्ते में चुनाव की घोषणा हो जाएगी। यह भी कहा जा रहा है कि इस बार पश्चिम बंगाल में भी कम चरण में चुनाव होगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में एक चरण में चुनाव होगा और असम का चुनाव ज्यादा से ज्यादा दो चरण में और  पश्चिम बंगाल का चुनाव तीन से चरण में पूरा किया जाएगा। ध्यान रहे चुनाव आयोग सभी राज्यों में चुनाव के चरण कम करता जा रहा है। पिछले साल बिहार की 243 सीटों पर दो चरण में मतदान हुआ। सो, पांच राज्यों में चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो गई है और सभी पार्टियों ने प्रचार का आगाज कर दिया है।


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