मौसम नूर को कांग्रेस में क्या मिलेगा

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तृणमूल काग्रेस छोड़ कर वापस में कांग्रेस में शामिल हुईं मौसम नूर की राजनीति सांसद और विधायक से आगे की नहीं है। कांग्रेस के नेता भले इसे बड़ी उपलब्धि बताएं लेकिन सबको पता है कि उनकी राजनीति सांसद और विधायक बनने की है। उनको लगने लगा था कि अप्रैल 2026 में उनकी राज्यसभा समाप्त होगी तो ममता बनर्जी फिर से राज्यसभा नहीं भेजेंगी। ऐसे ही कारण से उन्होंने 2019 के चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस भी छोड़ी थी। वे 2009 और 2014 में लगातार दो बार मालदा उत्तरी सीट से लोकसभा का चुनाव जीती थीं। लेकिन 2019 के चुनाव से पहले उनको लगा कि वे कांग्रेस की टिकट पर नहीं जीत सकेंगी तो तृणमूल में चली गईं।

तृणमूल कांग्रेस ने उनको टिकट किया लेकिन वे भाजपा के खगेन मुर्मू से हार गईं, जिनको उन्होंने दो बार हराया था। बंगाल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि इस बार मौसम नूर को लग रहा है कि ममता बनर्जी उनको राज्यसभा भी नहीं भेजेंगी और लोकसभा की टिकट भी नहीं देंगी। पता नहीं ममता उनको विधानसभा की टिकट भी देतीं या नहीं। इसलिए वे कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। और उनके कांग्रेस में शामिल होते ही इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कांग्रेस उनको किसी न किसी राज्य से राज्यसभा भेज सकती है। कांग्रेस को लग रहा है कि अगर उनको राज्यसभा भेजा गया तो माल्दा और मुर्शिदाबाद के साथ साथ उत्तरी बंगाल की कई सीटों पर कांग्रेस को फायदा हो सकता है।


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