पुलिस कार्रवाई के बावजूद जंतर-मंतर पर डटे रहे प्रदर्शनकारी, दीपके ने घायल समर्थकों से माफी मांगी

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‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के प्रदर्शनकारी भारी बारिश और कड़ी सुरक्षा के बावजूद पूरी रात जंतर-मंतर पर डटे रहे जबकि एक दिन पहले ही ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस ने उन पर कार्रवाई की थी।

कॉजपा स्वयंसेवकों ने मंगलवार सुबह प्रदर्शन स्थल की सफाई की। वहीं, कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस की कार्रवाई में घायल हुए समर्थकों से माफी मांगी।

प्रदर्शन स्थल के आस-पास कड़ी सुरक्षा तैनात रही और स्वयंसेवक मंच की सफाई करते दिखे। सोमवार को पुलिस द्वारा तंबू और अन्य अस्थायी ढांचों को हटाए जाने के बाद प्रदर्शन के लिए यही एकमात्र ढांचा बचा था। मंच पर लगा तंबू भी पूरी तरह फटा हुआ था।

युवा समर्थकों के एक समूह ने दीपके को अपने अनुभव बताए और आरोप लगाया कि बिना नाम पट्टी वाले पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों सहित कई लोगों की पिटाई की और उन्हें ‘‘आतंकवादी’’ कहा। दीपके को हाथ जोड़कर उनसे माफी मांगते हुए देखा गया।

दीपके ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावों के विपरीत आंदोलन से जुड़ा कोई भी नेता प्रदर्शन स्थल छोड़कर नहीं गया है। उन्होंने बताया कि कॉजपा के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास गतिरोध का समाधान खोजने के प्रयास में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने गए थे। बाद में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दीपके ने कार्रवाई में घायल हुए लोगों से माफी मांगी।

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उन्होंने लिखा मैं हमारे सभी समर्थकों से माफी मांगता हूं, खासकर उन लड़कियों से जिनकी पुरुष पुलिस अधिकारियों ने बेरहमी से पिटाई की। हम और बेहतर कर सकते थे। दिल्ली पुलिस की अमानवीय हरकतों से आपको बचाने के लिए मैं और बेहतर कर सकता था। 

दीपके ने आरोप लगाया 20 से अधिक छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार सिर्फ एक धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए सरकार कई युवा छात्रों का खून बहाने को तैयार है। 

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा अगर आप घायल हुए हैं और आपने यह सब देखा है तो कृपया मुझे ‘डीएम’ (डायरेक्ट मैसेज) करें। मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से बात करना चाहता हूं और माफी मांगना चाहता हूं। हम आप सभी के लिए लड़ते रहेंगे। कॉजपा के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का 24वां दिन है।

रांका ने ‘एक्स’पर पोस्ट में कहा सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 24वां दिन है। वह अब भी हमारे लिए लड़ रहे हैं। हम रुकेंगे नहीं। प्रधान को बर्खास्त किया जाना चाहिए। 

भारी सुरक्षा इंतजामों, बहुस्तरीय अवरोधकों और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा के बावजूद, सोमवार को कॉजपा के संसद तक प्रस्तावित मार्च के लिए जंतर-मंतर पर हजारों लोग जमा हुए।

प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर मार्च करने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े तथा बल प्रयोग किया। हिंसा के लिए दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को दोषी ठहराया।

प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून को आंदोलन शुरू हुआ था।

वांगचुक को 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस जबरन सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। वह अस्पताल से ही अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।

Pic Credit : ANI


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