किफायत से खर्च करें तेल

Categorized as समाचार

हैदराबाद। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की कमी है। उन्होंने जंग का हवाला देते हुए कहा कि भारत के लोगों को पेट्रोल, डीजल और गैस किफायत से खर्च करनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम में लोगों से कहा कि उन्हें पेट्रोलियम उत्पादों का संयम से इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि आज वर्क फ्रॉम होम जैसे उपाय आजमाने की जरुरत है।

मोदी ने कहा, ‘आज के समय में पेट्रोल, गैस और डीजल का बड़े संयम के साथ इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हमें इंपोर्टेड पेट्रोलियम उत्पादों का इस्तेमाल केवल आवश्यकता के अनुसार करना चाहिए’। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि युद्ध के असर को भी कम किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को किफायत से पेट्रोलियम उत्पाद खर्च करने की अपील करते हुए युद्ध का हवाला दिया। उन्होंने कहा, ‘पड़ोस में चल रहे युद्ध के असर से दुनियाभर में पेट्रोल, डीजल के दाम कई गुना बढ़ गए हैं’।

गौरतलब है कि अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। उसके बाद होर्मुज की खाड़ी बंद हो गई थी, जिससे भारत में तेल और गैस की किल्लत हुई। हालांकि सरकार लगातार कहती रही कि सब कुछ ठीक है। अब उस युद्ध का हवाला देते हुए मोदी ने कहा है, ‘भारत पर इस वैश्विक संकट का असर ज्यादा है, हमारे पास तेल के बड़े कुएं नहीं है’। उन्होंने कहा कि जिन शहरों में मेट्रो है, वहां लोग मेट्रों का इस्तेमाल करें। कारपुलिंग करें। आज वर्क फ्रॉम होम जैसे उपायों की जरूरत है।

मोदी ने कहा, ‘कोरोना काल में देश ने वर्क फ्रॉम होम की जो व्यवस्था विकसित की। आज समय की मांग ऐसी है कि अगर हम इन व्यवस्थाओं को फिर से शुरू करें तो यह देश के हित में होगा’। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना में करीब साढ़े नौ हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की एक बात का जवाब देते हुए कहा कि मनमोहन सिंह की सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल में गुजरात को जितनी मदद दी थी अगर उतना आज तेलंगाना को दिया जाए तो अभी मिल रही रकम का आधा होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री ने मजाकिया अंदाज में रेवंत रेड्डी से यह भी कहा कि, ‘बेहतर होगा कि आप भी हमारे साथ आ जाएं’।


Previous News Next News

More News

टेंडर और ओएसएम दोनों में गड़बड़ी

June 4, 2026

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई के चेयरमैन और सचिव को हटाने के फैसले का कोई मतलब नहीं है। असली सवाल यह है कि जांच के लिए जो एक सदस्यीय कमेटी बनी है उसकी रिपोर्ट में क्या बताया जाता है और उसके आधार पर शिक्षा मंत्रालय क्या कदम उठाता है? उस जांच कमेटी को कुछ…

संसदीय समिति का क्या मतलब रह गया?

June 4, 2026

यह चिंता पिछले कई सालों से जताई जा रही है कि संसदीय समितियों को धीरे धीरे कमजोर किया जा रहा है। अभी शिक्षा के क्षेत्र में जो गड़बड़ियां हुई हैं उनको लेकर शिक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति के कामकाज में इसके संकेत मिले हैं। पता चला है कि सत्तारूढ़ दल यानी भाजपा और उसकी सहयोगी…

भारत का शेयर बाजार सातवें स्थान पर लुढ़का

June 4, 2026

भारत के शेयर बाजार का मूल्य लगातार गिरता जा रहा है। अब यह खिसक कर सातवें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले दिनों खबर आई थी कि ताइवान की सिर्फ एक कंपनी टीएसएमसी का बाजार मूल्य बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के बाजार मूल्य से ज्यादा हो गई है। जाहिर है…

सुरजीत भल्ला की सलाह तो सुने सरकार

June 4, 2026

सरकार को विपक्षी पार्टियां सलाह देती हैं तो उनको राजनीतिक आलोचना कह कर खारिज कर दिया जाता है। राहुल गांधी लगातार कितने वर्षों से कह रहे हैं कि भारत अर्थव्यवस्था में पिछड़ रहा है। लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जाती है उलटे उनको पप्पू ठहराने का अभियान चलता रहता है। लेकिन अब तो सरकार के…

कथित वैश्विक संवाद की आईआईसी अड्डेबाजी

June 4, 2026

आज आआईसी की ज़मीन की कीमत 30 अरब रुपए है। क़रीब चार हज़ार एसोसिएट सदस्यों में से कइयों को सदस्यता देने पर तरह-तरह के सवाल हैं और क़रीब डेढ़ हज़ार अल्पकालिक सदस्यों में से तो ज़्यादातर की प्रोफ़ाइल गहरे कुहासे से लिपटी हुई है। सदस्यता देने की चयन प्रक्रिया को ले कर पिछले वर्षों में…

logo