टैरिफ पर सुप्रीम फैसले के बाद अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर क्या होगा इसका असर: ट्रंप

Categorized as समाचार

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट की तरफ से टैरिफ लगाए जाने के बाद से लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल ये है कि इसका असर भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापारिक समझौते पर किस तरह से पड़ेगा, भारत को कोई लाभ मिलेगा या नहीं। यह सवाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूछा गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस सवाल के जवाब में कहा, “नहीं, कुछ नहीं बदला। वे टैरिफ देंगे, और हम टैरिफ नहीं देंगे। भारत के साथ हमारी डील यह है कि वे टैरिफ देंगे। यह पहले जैसा नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी एक जेंटलमैन हैं, असल में एक बहुत अच्छे इंसान हैं, लेकिन वह उन लोगों से कहीं ज्यादा स्मार्ट थे। वह हमें लूट रहे थे। इसलिए हमने भारत के साथ एक डील की और अब यह एक निष्पक्ष समझौता है। हम उन्हें टैरिफ नहीं दे रहे हैं, वे टैरिफ दे रहे हैं। हमने थोड़ा फ्लिप किया।

सवाल ये भी है कि क्या इससे भारत को कोई फायदा होगा? बता दें, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में भारत के ऊपर 25 फीसदी टैरिफ लगाया। इसके अलावा रूस से तेल खरीदने की वजह से भारत के ऊपर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया। इस तरह कुल टैरिफ 50 फीसदी हो गया, हालांकि, भारत और अमेरिका के बीच जो हाल ही में अंतरिम व्यापार समझौता हुआ, उसमें इंडिया पर 25 फीसदी टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी किया गया। इसके अलावा रूस से तेल खरीदने को लेकर जो 25 फीसदी टैरिफ लगाया गया था, उसे भी हटाने की बात की गई।

Also Read : नीतीश कुमार ने अतिवृष्टि से प्रभावित दो लाख किसानों के खाते में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी

अब सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जो फैसला आया, उसके बाद ट्रंप ने ग्लोबली 10 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया। इसका ये मतलब है कि अन्य देशों की तरह भारत पर भी 10 फीसदी टैरिफ लागू होगा। हालांकि, भारतीय निर्यातकों के लिए यह थोड़ी सी चिंता की बात हो सकती है, क्योंकि भारतीय निर्यात पर फिलहाल 3 फीसदी का एमएफएन लागू है। हालांकि, ट्रंप के नए टैरिफ के बाद इसमें 10 फीसदी का अलग शुल्क लागू हो सकता है।

व्हाइट हाउस ने इस संबंध में बताया कि यह घोषणा 150 दिनों के लिए अमेरिका में इंपोर्ट होने वाली चीजों पर 10 प्रतिशत एड वेलोरम इंपोर्ट ड्यूटी लगाती है। यह टेम्पररी इंपोर्ट ड्यूटी 24 फरवरी को सुबह 12:01 बजे ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम के हिसाब से लागू होगी। अमेरिकी अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने या यूएस के सामने आने वाली बुनियादी इंटरनेशनल पेमेंट समस्याओं को ज्यादा असरदार तरीके से हल करने के लिए कुछ सामान पर टेम्पररी इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी।

इन प्रोडक्ट् में कुछ जरूरी मिनरल, करेंसी और बुलियन में इस्तेमाल होने वाले मेटल, एनर्जी और एनर्जी प्रोडक्ट; प्राकृतिक संसाधन और फर्टिलाइजर जिन्हें अमेरिका में उगाया, माइन किया या किसी और तरह से प्रोड्यूस नहीं किया जा सकता या जिन्हें घरेलू मांग को पूरा करने के लिए काफ़ी मात्रा में उगाया, माइन किया या प्रोड्यूस नहीं किया जा सकता; कुछ खेती के प्रोडक्ट, जिनमें बीफ, टमाटर और संतरे शामिल हैं; फार्मास्यूटिकल्स और फार्मास्यूटिकल सामग्री; कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स; पैसेंजर गाड़ियां, कुछ हल्के ट्रक, कुछ मीडियम और हेवी-ड्यूटी गाड़ियां, बसें, और पैसेंजर गाड़ियों, हल्के ट्रकों, हेवी-ड्यूटी गाड़ियों और बसों के कुछ पार्ट्स; कुछ एयरोस्पेस प्रोडक्ट और जानकारी वाली चीजें (जैसे, किताबें), डोनेशन, और साथ में सामान शामिल हैं।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

सत्रावसान में देरी का एक रिकॉर्ड तो टूटा

September 29, 2026

संसद का मानसून सत्र समाप्त हुए डेढ़ महीने से ज्यादा हो गए। सत्र 13 अगस्त को स्थगित हुआ था। लेकिन अभी तक सत्रावसान नहीं किया गया है। संसद स्थघित हुए 47 दिन हो गए हैं। आमतौर पर अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित होने के एक हफ्ते में सत्रावसान कर दिया जाता है। उसके बाद जब…

सीपीएम का अपना एजेंडा है

September 29, 2026

देश की सबसे बड़ी कम्युनिस्ट पार्टी सीपीएम के महासचिव एमए बेबी ने विपक्षी गठबंधन की बैठक बुलाने की पहल की। इस पहल पर ममता बनर्जी ने सबसे पहले जवाब दिया और उन्होंने बेबी से फोन पर बात की। कांग्रेस ने भी इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और उसके बाद 30 सितंबर की बैठक तय हुई।…

सपा-कांग्रेस की मुस्लिम वोट की खींचतान

September 29, 2026

वैसे उत्तर प्रदेश के मुसलमानो के मन में कोई भ्रम नहीं है। वे अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के साथ हैं क्योंकि उनको लग रहा है कि सपा ही इस बार भाजपा से लड़ने वाली मुख्य ताकत है। पिछले लोकसभा चुनाव मे उन्होंने देखा कि भाजपा के समर्थक मतदाताओं में भी अगर भाजपा से नाराजगी…

यूपीएससी के सवाल क्या एआई बना रहा है?

September 29, 2026

यह बहुत परेशान करने वाला सवाल है क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी एकमात्र ऐसी संस्था है, जिस पर प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थी आज भी आंख मूंद कर भरोसा करते हैं। इसका भरोसा इतना गहरा है कि सुप्रीम कोर्ट ने दो बार अपनी सुनवाई में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए और…

साहब अच्छे एक्टर नहीं!

September 29, 2026

कारण जो हो, साहब का विदेशियों के प्रति प्रेमिल झुकाव, और देसियों के प्रति रूखा बर्ताव बेढब है। फिर, बार-बार सीमित अंदाज, ऊँचे, हवाई दावे, वैज्ञानिकों विशेषज्ञों जैसे ऑडियेंस में भी घिसे-पिटे मुहावरे, उपदेश, आदि उन की समझ का भी सीमित दायरा दिखाता है। ऊँचे पद से वह थोड़ा ढँका जरूर रहा, पर छिपा नहीं…

logo