फ्रांस से कई समझौते हुए

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मुंबई। भारत के तीन दिन के दौरे पर पहुंचे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोपक्षीय वार्ता की, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए। वार्ता के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस को स्पेशल पार्टनर बताया तो मैक्रों ने भारत को अपना भरोसेमंद सहयोगी बताया। दोनों नेताओं ने मंगलवार को टाटा और एयरबस की एच-125 हेलिकॉप्टरों असेंबली लाइन का ऑनलाइन उद्घाटन किया। बाद में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर भारत में ऐसे हेलिकॉप्टर का निर्माण करेंगे, जो माउंट एवरेस्ट जैसी ऊंचाइयों तक उड़ान भरेगा।

साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मोदी ने फ्रांस को भारत का स्पेशल पार्टनर बताया और कहा कि दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ लेवल तक अपग्रेड करने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि दोनों देश सिर्फ व्यापार या हथियारों की खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सुरक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष, समुद्री इलाकों की सुरक्षा और बड़े वैश्विक मुद्दों पर साथ मिलकर काम करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों लोकतंत्र, कानून का पालन करते हैं और ऐसी दुनिया में भरोसा रखते हैं, जहां कई ताकतें मिल कर संतुलन बनाए रखें। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का मानना है कि वैश्विक संस्थाओं में सुधार जरूरी है, तभी दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल निकल पाएगा। मोदी ने कहा कि दोनों देश आतंकवाद खत्म करने के मुद्दे पर भी एक साथ है। उन्होंने युद्ध की समाप्ति और शांति बहाली की जरुरत बताते हुए कहा कि यूक्रेन हो, पश्चिम एशिया हो या इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, हर जगह शांति के प्रयासों का भारत और फ्रांस समर्थन करते रहेंगे।

साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैक्रों ने कहा कि भारत एक भरोसेमंद साझेदार है और इसलिए फ्रांस भारत के साथ तकनीक साझा करने में भरोसा रखता है। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच दोपक्षीय संबंध सच में खास और अनोखे हैं। यह रिश्ता भरोसे, खुलेपन और महत्वाकांक्षा पर आधारित है। मैक्रों ने कहा, ‘आज हमने दोनों देशों की इस साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। अब इसे ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया जाएगा’।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय अनिश्चित दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए मजबूत ताकत बन सकती है। उन्होंने कहा कि फ्रांस की विशेषज्ञता और भारत की बड़ी क्षमता को मिला कर भरोसेमंद तकनीक विकसित की जा रही है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति मैकों अगले दो दिन यानी 18 और 19 फरवरी को दिल्ली में एआई इमपैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे।


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