राहुल ने पूछे पांच सवाल

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी अमेरिका के साथ हुई व्यापार संधि को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर हैं। रविवार को लगातार तीसरे दिन राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा और किसानों के हितों को लेकर पांच सवाल पूछे। उन्होंने आरोप लगाया है कि अमेरिका के साथ व्यापार संधि में किसानों के साथ विश्वासघात किया जा रहा है। राहुल ने आरोप लगाया कि इससे भारत के कृषि सेक्टर और किसानों को बहुत बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने इस संधि को भारत के कृषि सेक्टर से भविष्य से जुड़ा हुआ बताया।

राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ व्यापार संधि को लेकर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पांच सवाल किए। उन्होंने सवाल करते हुए सोशल मीडिया में लिखा कि किसानों को जवाब मिलना ही चाहिए। राहुल ने लिखा, ‘यह सिर्फ आज की बात नहीं है। ये भविष्य की भी बात है। क्या हम किसी दूसरे देश को भारत की कृषि उद्योग पर लंबे समय की पकड़ बनाने दे रहे हैं’।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पांच सवाल पोस्ट किए। उनका पहला सवाल है, ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, डीडीजी आयात करने का क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि भारतीय जानवरों को जेनेटिकली मोडिफायड यानी जीएम अमेरिकी मक्का से बने डिस्टिलर अनाज यानी चारा खिलाए जाएंगे? क्या इससे हमारे डेयरी प्रोडक्ट प्रभावी रूप से अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर नहीं हो जाएंगे?

राहुल का दूसरा सवाल है, ‘अगर हम जीएम सोया तेल के आयात की अनुमति देते हैं, तो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और देश भर के हमारे सोया किसानों का क्या होगा? वे एक और कीमतों का झटका कैसे झेल पाएंगे’? तीसरा सवाल, ‘जब आप अतिरिक्त उत्पाद कहते हैं, तो उसमें क्या-क्या शामिल है? क्या यह समय के साथ दाल और अन्य फसलों को अमेरिकी आयात के लिए खोलने के दबाव का संकेत है’? चौथा सवाल, ‘गैर व्यापार बाधाएं हटाने का क्या मतलब है? क्या भविष्य में भारत पर जीएम फसलों पर अपने रुख को ढीला करने, खरीद को कमजोर करने या एमएसपी और बोनस को कम करने का दबाव डाला जाएगा’? राहुल का पांचवा सवाल है, ‘एक बार यह दरवाजा खुल गया तो हर साल इसे और ज्यादा खुलने से हम कैसे रोकेंगे? क्या इसकी रोकथाम होगी, या हर बार सौदे में धीरे-धीरे और भी फसलों को मेज पर रख दिया जाएगा’?

गौरतलब है कि राहुल गांधी भारत और अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर लगातार केंद्र सरकार से सवाल कर रहे हैं। एक दिन पहले शनिवार को उन्होंने कहा था कि ट्रेड डील से कपास उगाने वाले किसानों और कपड़ा उद्योग पर उल्टा असर पड़ेगा। उन्होंने सरकार और प्रधानमंत्री पर झूठ बोलने और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया था। इससे पहले शुक्रवार को राहुल गांधी ने सरकार की ओर से लाए जाने वाले प्रस्ताव को लेकर कहा था, ‘एफआईआर हो, मुकदमा दर्ज हो या प्रिविलेज प्रस्ताव लाएं। मैं किसानों के लिए लड़ूंगा। जो भी ट्रेड डील किसानों की रोजी रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान विरोधी है। अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे’।


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