ट्रेड डील को राहुल ने ट्रैप बताया

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नई दिल्ली। लोकसभा में दिए राहुल गांधी के भाषण को लेकर भले भाजपा की ओर से सब्सटेंसिव मोशन लाकर उनकी सदस्यता खत्म करने की पहल की गई है लेकिन राहुल इस मसले पर चुप नहीं हो रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर भारत और अमेरिका के बीच हुई व्यापार संधि को ट्रैप बताया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल ने कहा कि इस ट्रेड डील से भारत के कपास किसानों को बड़ा नुकसान होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह सौदा भारत के वस्त्र उद्योग को बरबाद कर देगा।

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने यही बातें संसद में बजट पर चर्चा के दौरान कही थी। उन्होंने दावा किया था कि केंद्र सरकार ने भारत को बेच दिया है। इसे लेकर भाजपा के एक सांसद ने उनके खिलाफ प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि स्पीकर द्वारा प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के बाद तय किया जाएगा कि इसे विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए या अनुशासन समिति को। राहुल गांधी ने इस प्रस्ताव को लेकर साफ किया कि वे किसी बात से डरने वाले नहीं हैं।

इस प्रस्ताव के दिन बाद शनिवार को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट लिख कर फिर से इस सौदे पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि वे 18 फीसदी टैरिफ बनाम जीरो फीसदी टैरिफ को समझाते हैं। उन्होंने कहा कि झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इस पर भ्रम फैला रहे हैं। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार भारत और अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और कपड़ा व वस्त्र निर्यातकों को धोखा दे रही है।

अपनी पोस्ट में राहुल ने कहा कि बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर जीरो फीसदी टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है, शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें। राहुल ने आगे लिखा, “भारत के गारमेंट्स पर 18 फीसदी टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बांग्लादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया कि अगर यही फायदा हमें भी चाहिए, तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी। आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई? और, ये कैसी नीति है? क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है या फिर ‘आगे कुआं, पीछे खाई’ की हालत में फंसाने वाला जाल”?

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा है, ‘अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बरबाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़ कर तबाह हो जाएगा। और, अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है’। उन्होंने लिखा, ‘भारत में टेक्सटाइल उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोजी रोटी इन्हीं पर टिकी है। इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोजगारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना’। सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल ने लिखा, ‘एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती। लेकिन इसके ठीक उलट, नरेंद्र “सरेंडर” मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है’।


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