बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं

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नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट बिना किसी बड़ी घोषणा वाला रहा। बजट की खास बात सिर्फ इतनी रही कि इसे रविवार को पेश किया गया, किसी वित्त मंत्री का लगातार रिकॉर्ड नौवां बजट रहा और बजट पढ़ने के लिए वित्त मंत्री नॉर्थ ब्लॉक की बजाय कर्तव्य भवन से निकल कर संसद पहुंची थीं। इस बार सबसे बड़ी बढ़ोतरी रक्षा बजट में हुई। ऑपरेशन सिंदूर के असर में इस बार रक्षा बजट में एक लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई। सरकार ने कुल 12.2 लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत खर्च की घोषणा की है। सरकार स्वास्थ्य पर एक लाख छह हजार करोड़ और शिक्षा पर एक लाख 28 हजार करोड़ खर्च करेगी।

इस साल पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव होने वाले हैं लेकिन बजट में चुनावी राज्यों को लेकर कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई। अगर सरकार के आंकड़ों की बात करें तो बजट 53.5 लाख करोड़ रुपए का है। यानी सरकार अगले वित्त वर्ष में इतने रुपए खर्च करेगी। हालांकि सरकार की कुल आय 36.5 लाख करोड़ रुपए अनुमानित है। इसमें 28.7 लाख करोड़ रुपए टैक्स से आय होगी। आय और खर्च का अंतर दूर करने के लिए अगले वित्त वर्ष में सरकार करीब 12 लाख करोड़ रुपए कर्ज लेगी। मनरेगा की जगह लाई गई नई रोजगार योजना में सरकार ने पिछले साल के 86 हजार करोड़ के मुकाबले 95 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।

सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2030-31 तक देश का कुल कर्ज, जीडीपी के 50 फीसदी के बराबर लाया जाए। चाली वित्त वर्ष यानी 2025-26 में यह कर्ज 56.1 फीसदी था, जो अब अगले वित्त वर्ष यानी 2026-27 में घट कर 55.6 रहने का अनुमान है। कर्ज कम होगा तो सरकार को ब्याज कम देना पड़ेगा। सरकार ने राजकोषीय घाटा कम करने का दावा किया है। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार घाटे को जीडीपी के 4.5 फीसदी से नीचे ले आई है। 2025-26 में यह घाटा 4.4 रहा, और अगले वित्त वर्ष के लिए इसे और घटाकर 4.3 फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद के पहले बजट में वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ से बढ़ा कर 7.85 लाख करोड़ कर दिया। रक्षा बजट में 15.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इसमें भी सरकार ने पूंजीगत खर्च में 22 फीसदी की बढ़ोतरी की है। सरकार ने आयकर स्लैब में बदलाव नहीं किया है लेकिन रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए तीन महीने का ज्यादा समय दिया। अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। कई छोटी मोटी गड़बड़ियों को अपराध की श्रेणी से निकाल दिया गया है और यह भी कहा गया है कि असेसमेंट शुरू होने के बाद भी करदाता रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

वित्त मंत्री ने बजट में सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा। इसके अलावा तीन आयुर्वेदिक एम्स खोले जाने की घोषणा। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए पांच मेडिकल हब बनेंगे। वित्त मंत्री ने विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने वाली कई घोषणाएं की हैं। बायो फार्मा शक्ति के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की घोषणा हुई है तो पांच लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर दो और तीन शहरों के विकास के लिए भी पैसे आवंटित किए गए हैं। देश के सभी जिलों में एक एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा भी हुई है।


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