आज पेश होगा बजट

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नई दिल्ली। आज रविवार है लेकिन संसद की बैठक होगी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, जो एक रिकॉर्ड है। आमतौर पर बजट को लेकर लोगों की दिलचस्पी पहले जैसी नहीं होती है क्योंकि सरकार बहुत से फैसले बजट से बाहर करती है। जैसे पिछले साल एक फरवरी को बजट पेश होने के बाद केंद्र सरकार ने कई बड़े नीतिगत और राजकोष पर असर डालने वाले फैसले किए। सरकार ने रोजगार गारंटी की मनरेगा की जगह नई योजना का बिल पास किया, जिससे केंद्र सरकार का बजटीय प्रावधान कम होगा। ऐसे ही सरकार ने श्रम सुधार भी किए।

इसके बावजूद इस साल निर्मला सीतारमण के बजट को लेकर दिलचस्पी है क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद का यह पहला बजट है। सो, यह देखना होगा कि टैरिफ की मार झेल रहे देश के निर्यातकों के लिए सरकार क्या उपाय करती है। ऐसे ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई इस समय दुनिया की अर्थव्यवस्था को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। अमेरिका का खजाना तो एआई के कारण भरा है। भारत इस दिशा में क्या करता है इसकी रूपरेखा बजट से पता चलेगी। ऐसे ही पूरी दुनिया में भू राजनीतिक उथलपुथल से देश की अर्थव्यवस्था को बचाने के क्या उपाय होते हैं इसका अंदाजा भी बजट से चलेगा।

बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सरकार की आय़ और खर्च का ब्योरा तो पेश करेंगी ही साथ ही कुछ नीतिगत घोषणाएं भी हो सकती हैं, जिन पर सबकी नजर होगी। मध्य वर्ग की नजर आयकर के प्रावधानों पर होती है। सरकार पहले ही 12 लाख रुपए तक की आय को कर से मुक्त कर चुकी है। इसके अलावा 75 हजार स्टैंडर्ड डिडक्शन है, जिसका लाभ नौकरीपेशा लोगों को मिलता है। इसे बढ़ा कर एक लाख करने की संभावना जताई जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि वित्त मंत्री इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े सेक्टर को भी कुछ और छूट दे सकती है क्योंकि इस साल प्रदूषण को लेकर बड़ी बहस छिड़ी है, जिससे सरकार कठघरे में आई है।

मनरेगा की जगह सरकार ने वीबी जी राम जी कानून बनाया है। इसके मुताबिक केंद्र सरकार अब 60 फीसदी फंड देगी और राज्यों को 40 फीसदी फंड का इंतजाम करना होगा। सो, यह देखना होगा कि सरकार इसके लिए कितनी फंडिंग करती है। ध्यान रहे अब यह कानून मांग आधारित रोजगार का कानून नहीं है। इसलिए फंडिंग अहम है। पिछले एक साल में सोने और चांदी की कीमतों में बेहिसाब बढ़ोतरी हुई है। माना जा रह है कि सरकार इसकी कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उत्पाद शुल्क में दो फीसदी की कटौती करके उसे चार फीसदी तक ला सकती है। आयुष्मान भारत योजना के तहत उम्र सीमा घटाने की संभावना जताई जा रही है तो कृषि सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कुछ नई योजनाओं की घोषणा भी हो सकती है। अब रेल बजट भी साथ ही पेश होता है। सरकार रेलवे की फंडिंग कितनी बढ़ाती है और रक्षा बजट में कितनी बढ़ोतरी होती है यह भी देखने की बात होगी। सरकार पूंजीगत खर्च की क्या घोषणा करती है और राजकोषीय घाटे को काबू में रखने के क्या उपाय होते हैं यह भी देखने वाली बात होगी।


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