आर्थिक सर्वे में गुलाबी तस्वीर, चुनौतियां भी

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नई दिल्ली। केंद्रीय बजट से दो दिन पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का ‘आर्थिक रिपोर्ट कार्ड’ यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया। इस सर्वे में भारत में विकास, रोजगार और समृद्धि की गुलाबी तस्वीर दिखाई गई है लेकिन साथ ही चुनौतियों को भी रेखांकित किया गया है। भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने इसे तैयार किया है। इसमें कहा गया है कि भारत वैश्विक भू राजनीतिक उथलपुथल का शिकार बना है। भारतीय मुद्रा में गिरावट को भी इससे जोड़ा गया है।

आर्थिक सर्वे में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए बड़े साहसी सुधारों की जरुरत बताई गई है। आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि भारत को निर्यात के जरिए बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा अर्जित करने की जरुरत है ताकि बढ़ते आयात बिल को कवर किया जा सके। इसके लिए विदेश निवेश आकर्षित करने के उपाय करने पर भी जोर दिया गया है। सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की विकास दर 6.8 से 7.2 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है।

महंगाई को लेकर आर्थिक सर्वे में कहा गया है, रिजर्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अनुमान जताया है कि आने वाले साल में महंगाई दर धीरे धीरे बढ़ेगी। यह चार फीसदी के तय लक्ष्य के दायरे में बनी रहेगी। गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ने न्यूनतम दो से अधिकतम छह फीसदी तक महंगाई दर को रखने का लक्ष्य तय किया है। इससे पहले दिसंबर 2025 में रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए महंगाई दर का अनुमान 2.6 से घटा कर दो फीसदी कर दिया था।

आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और अस्थिरता के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था रफ्तार बनी हुई है। सर्वे के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में विकास दर 7.4 फीसदी रहने की उम्मीद है, जो आरबीआई के 7.3 फीसदी के अनुमान से भी ज्यादा है। रोजगार को लेकर सर्वे में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही यानी, अप्रैल से जून 2025 में भारत में 15 साल से ज्यादा उम्र के 56.2 करोड़ लोग रोजगार में थे। इसके मुताबिक देश की आधी आबादी खेती पर निर्भर है और कृषि सेक्टर की विकास दर 3.1 फीसदी रहने की उम्मीद है।

इसमें दावा किया गया है कि केंद्र सरकार ने राजकोषीय घाटे को कम करने का लक्ष्य तय समय से पहले ही हासिल कर लिया है। वित्त वर्ष 2025 में यह जीडीपी का 4.8 फीसदी रहा, जबकि सरकार ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 4.4 फीसदी का लक्ष्य रखा है। सर्वे में बताया गया है कि दुनिया भर के व्यापार में अनिश्चितता के बावजूद सामान और सेवा दोनों में भारत का कुल निर्यात वित्त वर्ष 2025 में 825.3 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।


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