यूजीसी के नियमों के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन

Categorized as समाचार

नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी की ओर से उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव रोकने के लिए लाए गए नए नियमों को लेकर देश भर में विवाद शुरू हो गया है। मंगलवार को देश भर में इसके खिलाफ प्रदर्शन हुआ। राजधानी दिल्ली में यूजीसी कार्यालय के बाहर भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे। इसे देखते हुए यूजीसी मुख्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच बढ़ते हुए विरोध के बाद केंद्र सरकार की ओर से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि कानून का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।

बहरहाल, नई दिल्ली में यूजीसी मुख्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में अलग अलग जगहों पर प्रदर्शन हुए। सोशल मीडिया में इसे लेकर जबरदस्त विरोध हो रहा है। दक्षिणपंथी राजनीति के प्रति रूझान रखने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स से भी इन नियमों के विरोध में अभियान चलाया जा रहा है और इन्हें वापस लेने की मांग की जा रही है।

गौरतलब है कि करीब 13 जनवरी को जारी ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026’ में एससी, एसटी के साथ ओबीसी समुदाय को भी शामिल किया गया है। ये समुदाय अपने खिलाफ भेदभाव की शिकायत कर सकते हैं। इसमें फर्जी शिकायत पर जुर्माने या सजा के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए इसके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने नए नियमों के विरोध में इस्तीफा दिया है। हालांकि उनका इस्तीफा नहीं मंजूर किया गया है और उनको निलंबित कर दिया गया है।

विवाद बढ़ने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि किसी को भी इसका गलत इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं होगा। किसी के भी साथ अत्याचार या भेदभाव नहीं होगा। इस बीच नियम के खिलाफ विनीत जिंदल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। इसमें नियम पर रोक, सभी छात्रों के लिए समान अवसर, इक्विटी हेल्पलाइन सुविधाएं देने की मांग की गई है। माना जा रहा है कि यूजीसी के नए नियम से शिक्षण संस्थानों में भेदभाव और बढ़ेगा।


Previous News Next News

More News

सत्रावसान में देरी का एक रिकॉर्ड तो टूटा

September 29, 2026

संसद का मानसून सत्र समाप्त हुए डेढ़ महीने से ज्यादा हो गए। सत्र 13 अगस्त को स्थगित हुआ था। लेकिन अभी तक सत्रावसान नहीं किया गया है। संसद स्थघित हुए 47 दिन हो गए हैं। आमतौर पर अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित होने के एक हफ्ते में सत्रावसान कर दिया जाता है। उसके बाद जब…

सीपीएम का अपना एजेंडा है

September 29, 2026

देश की सबसे बड़ी कम्युनिस्ट पार्टी सीपीएम के महासचिव एमए बेबी ने विपक्षी गठबंधन की बैठक बुलाने की पहल की। इस पहल पर ममता बनर्जी ने सबसे पहले जवाब दिया और उन्होंने बेबी से फोन पर बात की। कांग्रेस ने भी इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और उसके बाद 30 सितंबर की बैठक तय हुई।…

सपा-कांग्रेस की मुस्लिम वोट की खींचतान

September 29, 2026

वैसे उत्तर प्रदेश के मुसलमानो के मन में कोई भ्रम नहीं है। वे अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के साथ हैं क्योंकि उनको लग रहा है कि सपा ही इस बार भाजपा से लड़ने वाली मुख्य ताकत है। पिछले लोकसभा चुनाव मे उन्होंने देखा कि भाजपा के समर्थक मतदाताओं में भी अगर भाजपा से नाराजगी…

यूपीएससी के सवाल क्या एआई बना रहा है?

September 29, 2026

यह बहुत परेशान करने वाला सवाल है क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी एकमात्र ऐसी संस्था है, जिस पर प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थी आज भी आंख मूंद कर भरोसा करते हैं। इसका भरोसा इतना गहरा है कि सुप्रीम कोर्ट ने दो बार अपनी सुनवाई में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए और…

साहब अच्छे एक्टर नहीं!

September 29, 2026

कारण जो हो, साहब का विदेशियों के प्रति प्रेमिल झुकाव, और देसियों के प्रति रूखा बर्ताव बेढब है। फिर, बार-बार सीमित अंदाज, ऊँचे, हवाई दावे, वैज्ञानिकों विशेषज्ञों जैसे ऑडियेंस में भी घिसे-पिटे मुहावरे, उपदेश, आदि उन की समझ का भी सीमित दायरा दिखाता है। ऊँचे पद से वह थोड़ा ढँका जरूर रहा, पर छिपा नहीं…

logo