भारत के जीडीपी अनुमानों की अर्थशास्त्रियों ने सराहना की

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अर्थशास्त्रियों ने बुधवार को भारत के वित्त वर्ष 2025-26 के पहले जीडीपी के अग्रिम अनुमानों की सराहना की और कहा कि यूएस के साथ द्विपक्षीय ट्रेड डील से निवेश को बढ़ावा मिलेगा। 

सरकार की ओर से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पहला जीडीपी का अग्रिम अनुमान जारी किया गया है, जिसमें विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।

अर्थशास्त्रियों ने कहा कि जीएसटी 2.0, आयकर में कटौती और त्योहारी मांग के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और इससे मांग को बढ़ावा मिल रहा है।

बैंक ऑफ बड़ौदा की अर्थशास्त्री जाह्नवी प्रभाकर के अनुसार, हाई-फ्रीक्वेंसी वाले इंडिकेटर्स जैसे ऑटो सेल्स हाल के दिनों में तेजी से बढ़ी है, जो दिखाता है कि मांग मजबूत बनी हुई है। इसके अतिरिक्त यूके, ओमान और न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट से अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिलेगा।

प्रभाकर ने कहा कि हालांकि, वैश्विक अस्थिरता के कारण देश की अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बने हुए हैं, जिसमें अमेरिकी टैरिफ भी शामिल है।

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उन्होंने आगे कि आने वाले महीनों में निवेश और उपभोग विकास को समर्थन देने वाले महत्वपूर्ण कारक बने रहेंगे। अब ध्यान केंद्रीय बजट, तीसरी और चौथी तिमाही में कंपनियों के प्रदर्शन और आरबीआई के ब्याज दर संबंधी निर्णयों पर भी केंद्रित होगा। हमारा मानना है कि वित्त वर्ष 27 में देश की रियल जीडीपी वृद्धि दर 7-7.5 प्रतिशत के बीच रहेगी, जबकि वित्त वर्ष 26 में इसके 7.4-7.6 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है।

पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष राजीव जुनेजा के अनुसार, 7 प्रतिशत से अधिक की मजबूत रियल जीडीपी वृद्धि सरकारी व्यय और उद्योग निवेश द्वारा दिए गए प्रोत्साहन से समर्थित है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में सरकारी अंतिम उपभोग व्यय (जीएफसीई) बढ़कर 5.2 प्रतिशत और सकल स्थिर पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ) 7.8 प्रतिशत होने का अनुमान है।

पीएचडीसीसीआई के सीईओ और महासचिव डॉ. रणजीत मेहता ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती बढ़ाने, संरचनात्मक सुधारों में तेजी लाने और बुनियादी ढांचे के निर्माण को बढ़ावा देने पर सरकार का निरंतर ध्यान भारत की विकास गति को और मजबूत करेगा।

उन्होंने कहा, “यह उपाय, मजबूत व्यापक आर्थिक ढांचे और बढ़ते निजी निवेश के साथ मिलकर, भारत की विकास गति को तेज करेंगे और अर्थव्यवस्था को सतत और मजबूत विकास के लिए तैयार करेंगे।

आईसीआरए लिमिटेड के वरिष्ठ अर्थशास्त्री राहुल अग्रवाल ने कहा कि औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों में वृद्धि एनएसओ के वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही के अनुमान से कुछ बेहतर रहने की उम्मीद है, जबकि सेवा क्षेत्र की वृद्धि इससे कम रहने की संभावना है।

Pic Credit : ANI


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